समिति की भूमि पर कांग्रेस के बाद भाजपा की नजर, कार्यालय बनाने भूमि आबंटन के लिये प्रशासन पर बना रहे दबाव

(बब्लू तिवारी)

पत्थलगांव। आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पूर्व नाम मल्टीपरपज को ऑपरेटिव सोसायटी पत्थलगांव की पूर्व कार्यालय भवन की भूमि जिसे पूर्व के वर्षो में कुछ व्यापारियों ने कब्जा कर प्रशासन से साठ गांठ कर पहले समिति का पट्टा निरस्त करवाया गया था इसके बाद कब्जा कर व्यापारियों द्वारा अपने नाम पट्टा बनवाने की कोशिश की गई थी। उक्त समिति की भूमि पर कांग्रेस के बाद अब भाजपा की बुरी नजर पड़ गई है भाजपा कार्यालय बनाने भूमि आबंटन के लिये पदाधिकारी प्रशासन पर दबाव बनाते नजर आ रहे है।पत्थलगांव सोसायटी समिति क्षेत्र के कृषको का कहना है की यह भूमि समिति की है जिसे 20 वर्षो की न्यायालयीन लड़ाई के बाद वर्ष 2022- 23 में अपर कलेक्टर न्यायालय जशपुर से भू भाटक की राशि तय करते हुवे आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित के नाम पट्टा दिये जाने हेतु आदेशित किया गया।किन्तु भू भाटक की राशि लगभग करोड़ रुपये होने के कारण समिति ने राज्य सरकार के समक्ष न्यूनतम दर भू भाटक पर पट्टा दिये जाने हेतु वर्ष 2023 में आवेदन प्रेषित किया गया है और राज्य सरकार के आदेश का इंतजार में है।

ब्लॉक कांग्रेस पत्थलगांव ने भी कांग्रेस भवन बनाने की थी तैयारी,किसानों के पक्ष में तत्कालीन विधायक रामपुकार सिंह ने कांग्रेस भवन बनाने से किया था इंकार…

किसानों की समिति आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित की उक्त भूमि के नजूल घोषित होने के बाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने भी उक्त भूमि पर कांग्रेस भवन बनाने की तैयारी कर दी थी जिसके पट्टा के लिये कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रेषित कर प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई थी किन्तु उक्त विषय की जानकारी तत्कालीन समिति के सदस्यों को मिलने पर समिति के सदस्य एवं क्षेत्र के कुछ कृषक तत्कालीन विधायक रामपुकार सिंह के समक्ष पहुचकर आपत्ति दर्ज की थी जिस पर स्वयं रामपुकार सिंह ने कहा था कि उक्त भूमि समिति की है जहां वर्षो से सोसायटी संचालित हो रही थी और आज भी वह भूमि किसानों की समिति की है और कांग्रेस को कार्यालय बनाने भूमि आबंटित करने से मना करते हुवे किसानों एवं समिति के पक्ष में समर्थन दिया था। वही आज उक्त भूमि को भाजपा समिति के नाम न्यूनतम दर पर पट्टा दिलाने सहयोग करने के बजाए किसानों की उक्त भूमि पर भाजपा कार्यालय बनाने की योजना बनाकर किसान विरोधी कार्य करने जा रही है, जबकि पूर्व में स्थानीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के भाजपा नेताओं ने उक्त भूमि का पुनः पट्टा समिति को दिलाने अपना लिखित समर्थन दिया था। वही क्षेत्र के कृषक उक्त भूमि पर भाजपा कार्यालय बनाने की कवायद के विरोध में उतर कर प्रथम में आपत्ति दर्ज किया है और आगे धरना आंदोलन करने की तैयारी कर रहे है। वही कुछ वरिष्ठ किसानों जो मुख्यमंत्री वीष्णुदेव साय जी के विचार व व्यवहार को जानते है उनका कहना है कि यह मामला की जानकारी मुख्यमंत्री वीष्णुदेव साय जी को नही होगी अन्यथा श्री साय कभी भी कृषको से सम्बंधित समिति की भूमि पर भाजपा कार्यालय बनाना नही चाहेंगे क्योकि मुख्यमंत्री श्री साय सदैव किसानों के समर्थक रहे हैं।और जिसने भी यह प्रस्ताव भाजपा नेतृत्व को दिया होगा वह शायद अपनी पूर्व मकसद में सफल नही होने का पूरा करने की तैयारी में हो।

कांग्रेस भी विरोध में धरना आंदोलन करने कर रही तैयारी...

पता चला है कि किसानों से सम्बंधित आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित भूमि की भूमि जो वर्तमान में नजूल घोषित है भूमि पर भारतीय जनता पार्टी सत्ता के दम पर भाजपा कार्यालय बनाने की तैयारी में है कि जानकारी मिलने पर कृषको एवं समिति के पक्ष में तथा भाजपा कार्यालय के लिये भूमि आबंटित करने के विरोध में धरना प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही हैं जिसके लिये पूर्व विधायक रामपुकार सिंह ने प्रदेश सचिव मनोज तिवारी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरगोविंद अग्रवाल, एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती आरती सिंह को जवाबदारी सौपी है कि खबर मिल रही है।

वर्जन…

जनरल किसान सदस्य अजिताभ कुजूर ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने जिस भूमि में भाजपा कार्यालय बनाने पट्टा के लिये आवेदन देकर कार्यालय बनाने की तैयारी में है उक्त भूमि वर्ष 57 से किसानों की समिति आदिमजाति सेवा सहकारी समिति की है, वहा भाजपा कार्यालय या अन्य किसी के लिये भूमि आबंटन प्रक्रिया का विरोध करेंगे, जरूरत पड़ी तो सड़क पर भी उतरेंगे।हमने अभी आपत्ति दर्ज किया है।






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