अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को व्रती महिलाओं ने दिया अर्घ्य
विश्व के अधिकांश स्थानों पर मनाया जाता है छठ महापर्व- मंत्री दिलीप जायसवाल-
बिजुरी। नगर क्षेत्रांतर्गत वार्ड क्रमांक 09 स्थित सूर्य मंदिर तलाब में छठ व्रत धारण करने वाली व्रती महिलाओं द्वारा डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान भास्कर कि विधी-पूर्वक पूजन किया गया। इस दौरान प्रदेश सरकार के कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल भी तलाब परिसर में बने सूर्य मंदिर पहुंचकर भगवान भास्कर का विधी पूर्वक पूजा अर्चन कर, व्रती महिलाओं से आशिर्वाद लिया गया साथ ही स्थल पर मौजूद लोगों से भी मुलाकात कर, उन्हे छठ महापर्व कि शुभकामनाएं दिया गया।
विश्व के कोने-कोने में मनाया जाता है छठ महापर्व-
तलाब घाट स्थल पर पहुंचे मंत्री द्वारा लोगों को उद्बोधित भी किया गया। इस दौरान मंत्री ने कहा कि भगवान सूर्य साश्वत हैं, जिन्हे हम ना केवल देख सकते हैं, बल्कि उनके बिना मनुष्य सहित पशु-पक्षी, पेंड़-वनस्पति इत्यादि किसी के जीवन का कल्पना भी नही किया जा सकता है। यही कारण है कि भगवान सूर्य का उपासना अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं। कभी उत्तर भारत के बिहार, झारखण्ड एवं उत्तर प्रदेश से प्रारम्भ हुआ छठ त्यौहार आज विश्व के अधिकांश स्थानों पर श्रध्दाभाव से मनाया जाता है। जहां-जहां भी उत्तर भारतीयों कि संख्या है वहां यह त्यौहार निश्चिततौर पर मनाया जाता है। वहीं मंत्री ने अपने व्यक्तव्य में यह भी कहा कि लोक आस्था पर ध्यान केंद्रित करते हुए मंदिर परिसर का कार्य जल्द ही प्रारम्भ किया जाएगा। जिसके लिए कार्य आदेश भी जारी किया जा चुका है, जिसे स्थानीय लोगों के मंशानुरूप सम्पन्न कराए जाएंगे।
तलाब भीतर प्रवेश कर महिलाओं ने दिया भगवान सूर्य को अर्घ्य-
गौरतलब है कि मंगलवार 05 नवंबर से शुरू हुए छठ महापर्व का आयोजन नहाय-खाए के साथ प्रारंभ हुआ वहीं दूसरे दिवस को व्रती महिलाओं द्वारा खरना पूजा के रूप में मनाया गया। एवं तीसरे दिवस को तलाब के भीतर प्रवेश करते हुए इन व्रतियों द्वारा अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर, पूजन किया गया। जिसका समापन चौथे दिवस उगते सूर्य को को अर्घ्य देने पश्चात ही माना जाएगा।










