गुरु घासीदास जयंती पर परसाडीह में भव्य आयोजन, रुसेन कुमार रहे मुख्य अतिथि
(मदन खाण्डेकर)
गिधौरी। परसाडीह में पांच दिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों ने मिलकर सद्गुरु के उपदेशों को याद किया और उनके जीवन से प्रेरणा ली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रुसेन कुमार ने समाज के उत्थान और सद्गुरु के विचारों के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
रुसेन कुमार ने अपने संबोधन में गुरु घासीदास के सत्य, अहिंसा और समानता के संदेश को आज के समाज के लिए प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास ने मानवता को एकता और समरसता का पाठ पढ़ाया, जो आज के दौर में भी मार्गदर्शक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे गुरुजी के बताए मार्ग पर चलें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।
कार्यक्रम के दौरान ख्याति के द्वारा गुरु वन्दना, गुरुदेव की महिमा को शास्त्री रागों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पंथीनृत, गीत, और नाटकों के माध्यम से गुरु घासीदास के जीवन और शिक्षाओं को जीवंत किया गया। परसाडीह के लोगों ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में हिस्सा लिया और आयोजन को सफल बनाया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री रुसेन कुमार मुख्य अतिथि, तिहारु कोसले ब्यास पण्डित, होलिका प्रसाद जांगड़े,द्वारिका जांगड़े,नीलकुमार मतवाले, विष्णु जाटवर,पंचराम मिरी,खूबचंद मिरी,लोकेश, प्रमोद जांगड़े पूर्व सरपंच,दीपेंद्र जाटवर सरपंच,हेमंत बंजारे, बसंत जांगड़े,हीरालाल जाटवर,राजकुमार जांगड़े पत्रकार, श्रीमती रूस बाई जांगड़े,ख्याति कुमार, ऊर्जस्वि जांगड़े,चन्द्रभूषण भारती, उत्तम टण्डन,पूनीराम,रामाधार जांगड़े,जितेंद्र जांगड़े एवं राजेन्द्र जांगड़े सहित सैकड़ों महिला- पुरूष उपस्थित थे।
पूरे क्षेत्र में इस आयोजन की भव्यता और सामाजिक संदेश की चर्चा हो रही है।









