दिन में ट्रेक्टर और रात में चैन माउंटेन मशीन से छलनी हो रहा महानदी का सीना, कार्रवाई करने में कांप रहे अधिकारियों के हाथ, रेत का काला कारोबार बदस्तूर जारी..

केरा रोड के हॉटल राघव इन के पीछे रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी..

मदन खाण्डेकर 

शिवरीनारायण /गिधौरी। नगर में अवैध रेत उत्खनन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।रेत माफिया दिन रात रेत का उत्खनन करने में लगे हुए हैं।इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। रेत माफिया रोजाना ऊंचे दामों में रेत बेचकर लाखो रुपयों की काली कमाई कर रहे हैं। यह पूरा खेल राजस्व विभाग और खनिज विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में खुले आम जारी है। नगर के केरा रोड में स्थित हॉटल राघव इन के पीछे रेत माफिया रोजाना सुबह बड़ी मात्रा में ट्रेक्टर वाहनों से रेत निकाल रहे हैं तो रात में चैन माउंटेन मशीन से महानदी का सीना छलनी कर रहें हैं। रेत के लगातार अवैध उत्खनन के कारण महानदी मृत प्राय नजर आ रही है। नगर में रेत का काला कारोबार दिन रात खुलेआम चल रहा है। दिन भर रोजाना बड़ी संख्या में ट्रेक्टर वाहनों और रात में हाइवा वाहनों की लंबी कतार सड़को में दिखाई देने लगती है। रेत माफिया हॉटल राघव इन के पीछे रात के अंधेरे का फायदा उठाकर चैन माउंटेन मशीन को महानदी में डाल देते हैं और रात भर रेत का अवैध उत्खनन करने के बाद मशीन को महानदी तट पर लाकर खड़ी कर देते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों को रेत माफियाओं का पूरा प्लान पता होने के बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं की जाती जिसके कारण रेत माफियाओ के हौसले बुलंद हैं। रेत के कारोबार में लगे रेत माफिया रेत को ऊंची कीमत में बेचकर लाखो की काली कमाई कर रहे हैं।

ऐसा भी नहीं है कि रेत माफियाओ द्वारा किए जा रहे रेत के अवैध कारोबार की जानकारी जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों को नहीं हो।जानकारी होने के बाद भी जिम्मेदार आंख बंद कर के अवैध कारोबार को खुली छूट दी जा रही है। अधिकारियों की सेटिंग से ही शिवरीनारायण में रेत का अवैध कारोबार बेरोकटोक जारी है। रेत के अवैध कारोबार से जुड़े लोग खनिज विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों को महीना बांधकर काला कारोबार कर रहे हैं। ज्ञात हो कि नगर के भोगहापारा रेत घाट की ठेका अवधि समाप्त होने के बाद घाट पर रेत माफियाओ ने कब्जा जमा लिया है। केरा रोड के हॉटल राघव इन के पीछे रोजाना बड़ी मात्रा में ट्रेक्टर वाहन और हाइवा वाहनों के माध्यम से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है। रेत के अवैध कारोबार पर रोक लगाने में जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन पंगु साबित हो रहा है।अधिकारियों के कार्रवाई नहीं करने से शासन को रोजाना लाखो रुपए राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है। महानदी से रोजाना ट्रेक्टर और हाइवा वाहनों से सैकड़ों ट्रिप रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। रेत माफिया अल सुबह से रेत निकालने के लिए महानदी में पहुंच जाते हैं। ट्रैक्टरों से प्रतिदिन 500 ट्रिप से अधिक रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है।जिस पर कार्रवाई करने में जिम्मेदार विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। विभागीय अधिकारी छोटी मोटी कार्रवाई करते नजर आते हैं। रेत माफिया अधिकारियों से सेटिंग कर नगर में रेत के काले कारोबार को खुलेआम अंजाम दे रहे हैं।

रेत माफियाओ की तगड़ी सेटिंग, इसलिए नहीं होती बड़ी कार्रवाई..

रेत के अवैध भंडारण में लगे रेत माफिया अधिकारियों से तगड़ी सेटिंग जमा कर रखे हुए हैं इसलिए जिम्मेदार विभाग के अधिकारी अवैध भंडारण पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। नगर के केरा रोड़ के आसपास आधा दर्जन से अधिक जगहों पर बड़ी मात्रा में अवैध रेत का भंडारण किया और रोजाना बेचा जा रहा है। जिसकी जानकारी खनिज विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी है लेकिन कार्रवाई का नहीं होना जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। अधिकारियों की सेटिंग से ही रेत का काला कारोबार फलफूल रहा है।

रात भर चैन माउंटेन मशीन से हो रहा उत्खनन..

रेत माफियाओं ने रेत के काले कारोबार को अंजाम देने नई तरकीब निकाली है। रेत माफिया अधिकारियों को चकमा देने के लिए दिन के जगह रात में चैन माउंटेन मशीन से उत्खनन कर हाइवा लोडिंग का काम करते हैं और दिन में काम बंद कर देते हैं। रेत माफिया केरा रोड में हॉटल राघव इन के पीछे दिन में महानदी के किनारे तट पर चैन माउंटेन मशीन को खड़ी रखते हैं। रोजाना रात 10 बजे चैन माउंटेन मशीन को नदी में उतारते हैं। चैन माउंटेन मशीन से रात भर हाइवा में लोडिंग की जाती है और सुबह 5 बजे चैन माउंटेन मशीन को नदी से बाहर निकालकर किनारे तट पर खड़ी कर दी जाती है।

वर्जन

बाहरी व्यक्तियों द्वारा चैन माउंटेन मशीन से अवैध उत्खनन का मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में खनिज अधिकारी और थाना प्रभारी से चर्चा की गई है। जल्द ही टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी।

अविनाश चौहान

तहसीलदार शिवरीनारायण