सड़क दुर्घटना में घायल मरीज को प्राइवेट अस्पताल में किया रिफर, मरीज की मौत, ड्यूटी डॉक्टर बोला मै वॉच मैन हूं क्या जो देखता रहूँ किसको कौन कहाँ ले जा रहा
(देवेश साहू)
बलौदाबाजार। NH 130 बी में बलौदाबाजार रायपुर मार्ग पर शनिवार की शाम लगभग 4:30 बजे बिनौरी मोड़ के पास एक बाइक सवार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसे अस्पताल पहुंचने एम्बुलेंस को फोन किया गया आधे घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर सिस्टम की लाचारी के आगे मालवाहक गाड़ी से पलारी के सरकारी अस्पताल लाया गया। जहां परिजनों के अनुपस्थिति में ही मौके पर उपस्थित ड्यूटी डॉक्टर आदित्य वर्मा ने उन्हें दूसरे अस्पताल रिफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने प्राइवेट अस्पताल रिफर किया जहां अस्पताल ने इलाज के लिए मोटी रकम मांगी जबकि डॉक्टर को जिला अस्पताल भेजना था।
पलारी थानांतर्गत बिनौरा मोड़ के पास शनिवार शाम बाइक सवार कुबेरकांत को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। जिससे उसका पैर बुरी तरह टूट गया था। दर्द के वजह से तड़पते घायल को रस्ते से गुजर रहे रिटायर्ड आर्मी मेन भरत ठाकुर ने देखा तो मौके पर रुक कर घायल को प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया। भीड़ में से लोगों से स्कार्फ लेकर पुलिस के डंडे को सहारा बनाते हुए घायल के पैर पर पट्टी बांधा। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पलारी थाना प्रभारी हेमंत पटेल व उनके स्टाफ ने एम्बुलेंस का इंतजार किया। इस दौरान घायल तड़पता रहा। घायल को तड़पता देख सिस्टम की लाचारी के आगे थकहार कर थानेदार ने तुरंत एक मालवाहक गाड़ी को रुकवाकर घायल को पलारी अस्पताल पहुंचाया व घायल के परिजनों को सूचित किया गया। सूचना मिलने पर ग्राम बोहारडीह(जोंधरा) से घायल का पुत्र निरंजन कांत व अन्य परिजन मरीज से मिलने पलारी पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि घायल को जिला अस्पताल रिफर किया गया है। जिला अस्पताल पहुंचने पर घायल मरीज नहीं पहुंचा था। परिजनों को पुलिस के माध्यम से पता चला कि घायल को जिला मुख्यालय के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। निजी अस्पताल पहुंचे पर परिजनों से अस्पताल प्रबंधक ने मोटे रकम की मांग की जिसपर परिजनों ने कहा इतना बड़ा रकम अभी नहीं दे सकते कुछ कम करिए। आप इलाज शुरू कीजिए हम रुपयों का इंतजाम करते है। जिसके बाद देर रात करीब 2 बजे घायल मरीज की मौत हो गई।

“प्राइवेट अस्पताल ने शव के बदले मांग 58 हजार”
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर आदित्य वर्मा ने मरीज को जानबूझ कर प्राइवेट अस्पताल भेजा जबकि जिला अस्पताल भेजना था। रात दो बजे मृत्यु होने के बाद अस्पताल प्रबंधक ने शव देने के एवज में 58 हजार की मांग की थी मीडिया के हस्तक्षेप के बाद दवाई का 10 हजार रुपए जमा करके शव ले जाने को कहा गया।

“डॉक्टर ने कहा मै वॉच मैंन नहीं हु जो देखता रहूं कौन कहा गया”
वही परिजनों के आरोप पर खबर शतक ने डॉक्टर आदित्य वर्मा से जब टेलीफोनिक चर्चा की तो डॉक्टर ने जवाब दिया कि ” मैं अस्पताल का वॉच मेन नहीं हूँ कि देखते रहूं कि मरीज को कौन कहा ले जा रहा है। मैने मरीज की गंभीर हालत को देख कर जिला अस्पताल रिफर कर अन्य मरीजों के इलाज में लगा था। इसी दौरान किसी ने उसको वहां से ले गया।
“सरकारी अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल में रिफर करते है डॉक्टर”
सूत्रों से जानकारी मिली है कि पलारी सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पताल से मोटा कमीशन पाने के लिए डॉक्टर मरीजों को प्राइवेट अस्पताल रिफर कर देते है। मरीज व परिजन डॉक्टरों के दबाव में आकर कही कुछ कह नहीं पाते। सड़क दुर्घटना में घायल मरीज की मृत्यु हो जाने के बाद परिजन सामने आए है। आगे देखने वाली बात होगी प्रशासन ऐसे सरकारी डॉक्टर पर क्या कार्रवाई करती हैं।
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