पकरिया में देवी मंईया भोजली ने, सुनहरी चमक बिखेरी 

(पंकज कुर्रे)

अकलतरा। छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक एवं पारंपरिक पर्व भोजली ग्राम पंचायत पकरिया (झूलन) में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भोजली के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत पकरिया झूलन आदर्श युवा फुटबॉल क्लब एवं सांस्कृतिक आयोजन समिति पकरिया झूलन द्वारा ग्राम वासियों के सहयोग से भोजली गीत पारंपरिक वेशभूषा व सबसे अच्छे भोजली के लिए पुरुस्कार रखा गया था। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में गुलबदन प्रसाद सिंगसार्वा ग्राम पंचायत के सरपंच दिलीप कुमार मरावी जनपद सदस्य अनुसुईया सिंगसार्वा, ईश्वर साहू छोटू कश्यप अविनाश सिंह कृष्ण कुमार सिंगसार्वा एवं पूर्व सरपंच उपस्थित थे।

ग्राम के सभी मोहल्लों से माताएं एवं बहने कीर्तन मंडली के साथ देवी मैया भोजली को अपने सिर पर विराजित करके ग्राम के गुड़ी के पास पहुंचे जहां पर महिला समूह एवं छात्र छात्राओं ने सामूहिक रूप से भोजली गीत गाया और अतिथियों व निर्णायक मंडल के सदस्यों ने देवी मैया भोजली का विधि पूर्वक पूजन किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनीष कुमार सिंगसार्वा ने हमारा सांस्कृतिक एवं पारंपरिक पर्व भोजली प्रकृति फसल और दोस्ती के अटूट प्रेम का पर्व है किसान देवी मैया भोजली से अच्छी फसल के लिए कामना करता है। छत्तीसगढ़ में भोजली के दिन एक दूसरे के कानों में भोजली डालकर मितान बनते है और वो पूरा जीवन मितान बनकर एक दूसरे का सहयोग करते है कार्यक्रम को सभी अतिथियों ने संबोधित किया।

छत्तीसगढ़ी पारम्परिक वेशभूषा में प्रथम स्थान शारदा कश्यप द्वितीय स्थान महिमा नायक तृतीय स्थान राधा कश्यप को मिला भोजली गीत गायन में प्रथम स्थान सीताराम कीर्तन मण्डली द्वितीय स्थान श्रिया कश्यप व साथीगण तृतीय स्थान बाल कृष्ण समूह को मिला महिला समूह भोजली में खाटू श्याम महिला समूह को प्रथम स्थान सीताराम महिला कीर्तन मण्डली द्वितीय स्थान एवं महामाया कीर्तन मण्डली को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ एवं छात्रा समूह भोजली में आरती सिंगसार्वा व साथीगण को पहला स्थान महिमा नायक व साथीगण को दूसरा स्थान एवं तनु यादव व साथीगण को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।

प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को 5100 द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों 3100 और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों 2100 और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया साथ ही इस पारंपरिक विरासत को जीवंत रखने के लिए सभी माताओं को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

इस अवसर पर निर्णायक के भूमिका में सुखसागर कश्यप, वकील शुकवारा कश्यप ग्राम की शिक्षिका जोशी जागृति सिंगसार्वा, गणेश राठौर, गृहदास महंत, चंद्रभान मरकाम, जगेसर श्रीवास, रामफल कश्यप, कलेश्वर यादव, शैल कुमार कश्यप, शेखर पेंटर, विनोद सिंगसार्वा, अमरीका साहू, कमलेश चौबे, रामशरण सिंगसार्वा प्रतियोगिता के सहयोगी देवेन्द्र कुमार, प्रवीण कुमार कश्यप, रामदेव, सूर्यवंशी शौर्य न्यूज एजेंसी पामगढ़, निर्मला कश्यप मितानिन एवं दुर्गेश कश्यप थे। कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र सिंगसार्वा ने किया।






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