सेवा क्षेत्र में स्टार्टअप रोजगार की अपार संभावनाएं हैं: डॉ महावीर…. चैतन्य विज्ञान एवं कला महाविद्यालय पामगढ़ में स्टार्टअप एवं व्यवसायिक विकास पर विशेषज्ञ व्याख्यान का हुआ आयोजन

(पंकज कुर्रे)
पामगढ़। चैतन्य विज्ञान एवं कला महाविद्यालय के संस्थागत नवोन्मेष परिषद के तत्वावधान में स्टार्ट अप एवं व्यवसायिक विकास पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के फार्मेसी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. महावीर हीरालाल घांटे एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय के वन्यजीव एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. गरिमा तिवारी विशेष अतिथि रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माता सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर हुआ। तत्पश्चात आईआईसी समन्वयक डॉ. नरेंद्रनाथ गुड़िया द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। संबोधन के क्रम में डॉ. महावीर घांटे ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र में स्टार्टअप रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार और अनुसंधान केवल शैक्षणिक जगत तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समस्याओं के समाधान खोजने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके विचार पूछे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा सुझाए गए नवाचारी विचारों की सराहना की। विशेष अतिथि डॉ. गरिमा तिवारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूक रहकर अपने विचारों को नवीन उद्यमों में बदलना चाहिए। आईआईसीजैसे मंच छात्रों को नवाचार की दिशा में प्रोत्साहित करते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी. के. गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा संस्थान का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि छात्रों में शोधाभिमुखता और नवाचार की भावना को भी जागृत करना है। आईआईसी की गतिविधियाँ इसी दिशा में एक सशक्त कदम हैं। महाविद्यालय के संचालक वीरेंद्र तिवारी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा आज की दुनिया में प्रतिस्पर्धा और प्रगति के लिए नवाचार सबसे महत्वपूर्ण आधार है। हमारे महाविद्यालय में ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर आयोजित होते रहेंगे।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक रसायनशास्त्र एवं आई आई सी सदस्य ऋषभ देव पांडेय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक एवं आईआईसी सदस्य भगवती साहू द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम को तकनीकी सहयोग कंप्यूटर विज्ञान सहायक प्राध्यापक धनेश्वर सूर्यवंशी एवं लैब तकनीशियन
सरोज मणि बंजारे द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. वीना पाणी दुबे, आई आई सी के छात्र सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।