PAMGARH : आधुनिक भारत के निर्माता एवं शिल्पी है सरदार पटेल जी – धरम लाल कौशिक, लौह पुरूष सरदार पटेल की प्रतिमा का 150 वीं जयंती के अवसर पर हुआ अनावरण
(पंकज कुर्रे)
पामगढ़ । भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रतिमा का अनावरण आज शुक्रवार को दोपहर 12 बजे उनकी 150 वीं जयंती के अवसर पर चंडीपारा के टिगड्डा में किया गया। सर्व कुर्मी समाज द्वारा स्थापित इस मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यास कश्यप विधायक जांजगीर चाम्पा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती प्रतिमा दीपक कश्यप अध्यक्ष नगर पंचायत राहोद, श्रीमती ज्योति किशन कश्यप सदस्य जिला पंचायत, श्रीमती शांति घासीराम कश्यप उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नवागढ़, गयाराम चंदेल उपाध्यक्ष नगर पंचायत राहोद उपस्थित थे। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा पूजा अर्चना कर प्रतिमा का अनावरण किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि धरम लाल कौशिक ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल आधुनिक भारत के निर्माता एवं शिल्पी थे। आजादी के पूर्व एवं उसके बाद भी राष्ट्र के आंदोलन एवं उसके निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नही जा सकता। देश के उपप्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के रूप में छोटे छोटे रियासतों को एक करके मुख्यधारा में लाने का काम उन्होंने किया। आज भारत के मानचित्र का स्वरूप जो दिखाई देता है यह उन्ही की देन है। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष की पूर्व संध्या पर उनकी प्रतिभा अनावरण की बधाई देता हूं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि नौजवान जागते है तो सवेरा होता है। 25 वर्ष का संकल्प आज पूरा हुआ है। समाज के वरिष्ठ लोगों द्वारा लिया गया संकल्प आज नौजवानों ने पूरा किया है। आज समाज कई फिरकों में बटा हुआ है। सभी कुर्मी है, राजनीति में भी हमारी संख्या बढे इसके लिए एकजुट होना है। कार्यक्रम के अंत मे प्रतिमा स्थापना का संकल्प लेने वालों का अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन उदल कश्यप एवं आभार प्रदर्शन महेन्द्र कश्यप ने किया।
इस अवसर पर सर्व कुर्मी समाज के रामप्रसाद कुर्मी,,सुरेंद्र कश्यप,उदल कश्यप, महेन्द्र कश्यप,राजाराम कश्यप, मुकेश कश्यप,देवेश कश्यप, पुरुषोत्तम कौशिक, डॉ हेमंत कश्यप, गुहराम कश्यप, राजकुमार कौशिक, प्रभात कश्यप, रामकृष्ण कश्यप, खगेन्द्र कश्यप, चिंताराम कश्यप, गोविंद कश्यप,भरतलाल कश्यप, शत्रुघ्न सिंगसर्वा,कोमल सिंगासर्वा, मनीष सिंगासर्वा, विष्णु कश्यप,ओंकार रायसागर, कौशल कश्यप, साखीराम कश्यप, संतोष कश्यप, देवीप्रसाद कौशिक किशोरी कश्यप, दिनेश कश्यप, जगेसर कश्यप, गजानन्द कश्यप, रामलाल कश्यप, रामपुकार कश्यप, तीज राम कश्यप, रामकीर्तन कश्यप, रुमेश वर्मा,मोतीलाल कश्यप, अशोक कश्यप फिरतराम कश्यप,रमेश कश्यप, दिलिप कश्यप, मालिक राम कश्यप, घनश्याम कश्यप, पूनी बाई वर्मा,भारती कश्यप शारदा कश्यप ,गुलाब सिंह चंदेल, दुर्गेश्वर तिवारी, लव तिवारी,श्याम बिहारी तिवारी, सहित सैकड़ों की संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।









