आदिवासी छात्रों का फूटा गुस्सा- SDM कार्यालय का किया घेराव

भ्रष्टाचार की ‘दलदल ‘ में छात्रावास का विकास

 10 लाख की सड़क बनी लूट का सबूत -अवैध गेट ने खोली प्रशासन की पोल

अनूपपुर। जिले के पुष्पराजगढ़ स्थित संयुक्त आदिवासी बालक छात्रावास इस समय विकास का नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के दलदल का प्रतीक बन चुका है। छात्रावास की बाउंड्रीवॉल में लगा अवैध गेट, तहसीलदार के आदेशों की अवहेलना कर रहा है, वहीं 15वें वित्त मद से बनी 10 लाख रुपये की घटिया सीसी सड़क खुलेआम लूट की कहानी कह रही है। मूलभूत सुविधाओं से वंचित और भ्रष्टाचार से त्रस्त आदिवासी छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। नारेबाजी करते हुए छात्र SDM कार्यालय पहुँचे और साफ चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर अवैध निर्माण/अतिक्रमण नहीं हटाए गए, घटिया सड़क की जांच नहीं हुई, और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे राज्य राजमार्ग पर चक्का जाम करने जैसा बड़ा आंदोलन करेंगे।

अनूपपुर। जिले के पुष्पराजगढ़ में आदिवासी छात्रों का गुस्सा अब फट चुका है। बसनिहा स्थित संयुक्त आदिवासी बालक छात्रावास की बदहाल व्यवस्था, अवैध गेट और 10 लाख की सीसी सड़क में हुए भ्रष्टाचार ने छात्रों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया। नारेबाज़ी करते हुए छात्र SDM कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दे दी—अब सहन नहीं, कार्रवाई चाहिए वरना आंदोलन तय है।

अवैध गेट-भ्रष्ट तंत्र की निशानी

छात्रावास की बाउंड्री वॉल में लगाया गया अवैध गेट पूरे मामले की जड़ बन गया है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर गेट हटाने का आदेश दिया था, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी गेट जस का तस खड़ा है। छात्रों का आरोप है कि आदेशों को राजनीतिक दबाव में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।गेट के कारण छात्रावास की सुरक्षा खतरे में पड़ी हुई है और असामाजिक तत्वों की आवाजाही की आशंका बनी रहती है। अब मामला सिर्फ गेट का नहीं, बल्कि प्रशासनिक साख और कानून के सम्मान का हो चुका है।

10 लाख की सीसी सड़क- लूट का देता गवाही

जनपद पंचायत के 15वें वित्त आयोग मद से करीब 10 लाख रुपये की लागत से बनी यह सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों में उखड़ने लगी। गिट्टी बाहर झांक रही है, दरारें चौड़ी हो चुकी हैं, बेस कमजोर है और मोटाई मानक के अनुसार नहीं।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि

सड़क नहीं भ्रष्टाचार की परतें बिछाई गई हैं। ऊपर लेपन कर लीपापोती की जा रही है।यह सड़क छात्रावास शासकीय आयुर्वेद औषधालय और प्राथमिक विद्यालय सांधा टोला को जोड़ती है। सड़क अच्छी होती तो छात्र बच्चे और मरीजों को राहत मिलती। लेकिन अब यह सड़क लूट और उदासी का प्रतीक बन गई है।

ट्रांसफार्मर के बीच सड़क- तकनीकी अराजकता की मिसाल

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि शासकीय आयुर्वेद औषधालय की ओर जाने वाली सड़क के बिल्कुल बीच में ही बिजली का ट्रांसफार्मर खड़ा छोड़ दिया गया है।सड़क का उद्देश्य सुरक्षित आवागमन होता है, लेकिन यहां दुर्घटना की आशंका हर पल बनी हुई है। लोग पूछ रहे हैं—

क्या यह सड़क जनता के लिए बनी है या भ्रष्ट सिस्टम की मूर्खता दिखाने के लिए?

आदिवासी छात्रों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए राहत बन सकती थी लेकिन अब यह उन्हें ठगा हुआ महसूस कराती है।कागजों में मजबूत सड़क जमीन पर शर्मनाक हकीकत यही इस निर्माण की असली तस्वीर है।

छात्रों का अल्टीमेटम- 7 दिन में कार्रवाई करो

आदिवासी छात्र संगठन ने SDM को ज्ञापन सौंपकर 7 दिन का समय दिया है जिसमे प्रमुख रूप से अवैध गेट हटाया जाए,घटिया सड़क की निष्पक्ष जांच हो दोषियों पर कार्रवाई की जाए पेयजल सहित मूलभूत सुविधाएं बहाल हों

अन्यथा छात्र स्टेट हाईवे पर चक्का जाम करने की चेतावनी दिए हैं। छात्रों ने कहा कि अब आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

जिम्मेदारो का पक्ष

मैंने सड़क देखी है काम घटिया स्तर का है। भुगतान पर रोक लगाई जाएगी और नोटिस जारी होगा।

सुशील मिश्रा, उपयंत्री

मौके पर निरीक्षण किया, निर्माण बेहद खराब है। सचिव को भुगतान रोकने के निर्देश दिए हैं, जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी।

 गणेश पाण्डेय

CEO जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़

छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है। जल्द ही सभी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

 वसीम अहमद भट्ट (IAS)

 SDM पुष्पराजगढ़

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