मनपसंद जीवन साथी की तलाश में 1272 सतनामी युवा राजधानी पहुंचे भारी भीड़ उमड़ी

(नीलकमल आजाद)

पलारी। कहते है जोड़े आसमान में बनते हैं लेकिन धरती पर परिचय सम्मेलन के माध्यम से नवयुगल जोड़ो को मिलाकर रिश्ता कायम करने का पुणीत कार्य पिछले 10 वर्षों से लगातार गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी कर रही है। सतनामी युवाओं के लिए रविवार का दिन खास रहा। राजधानी के “शहीद स्मारक भवन”में देश के कई प्रांतों से अपने अभिभावकों के साथ रायपुर पहुंचे 1272 युवाओं ने मनपसंद जीवन साथी की चाह में मंच पर बेबाकी से अपना परिचय दिया इस दौरान खचाखच भरे हाल में माता- पिता की निगाहें दिन भर दामाद- बहू की तलाश में टिकी रही।

335 परिवारों के बीच रिश्तों की बातचीत आगे बढ़ी 

आयोजन समिति संरक्षक श्रीमती शकुन डहरिया,अध्यक्ष के.पी. खण्डे एवं प्रवक्ता चेतन चंदेल ने बताया कि प्रतिभागियों की आपसी रुबरु, वार्तालाप तथा काउंसलिंग के बाद 335 से भी अधिक परिवारों के बीच रिश्तो की बातचीत आगे बढ़ गई है वहीं एलइडी.बड़े स्क्रीन व फेसबुक लिंक के माध्यम से पूरे देश भर में समाज के बीच इसे लाईव प्रसारण दिखाकर रिश्ते जोड़ने की पहल की गई जिसका अच्छा प्रतिसाद मिला। सैकड़ो,हजारो किलोमीटर दूर से ही प्रतिभागियों को पंसद कर विवाह के लिए बांट जोह रहे युवा तथा उनके अभिभावक लगातार बायोडाटा की‌ जानकारी लेते रहे।

युवकों को संस्कारवान चाहिए, युवतियों ने की नशेड़ी से तौबा 

युवको ने अपनी पसंद में बड़े बुजुर्गों व परिवार के सदस्यों से तालमेल बनाकर सम्मान देने वाली संस्कारवान शिक्षित पत्नी की जरूरत बताई तो वहीं युवतियों ने भी नशापन करने वाले से रिश्ता नहीं जोड़ने व पत्नी का ख्याल रखते हुए हमेशा खुश रखने वाले सक्षम, ईमानदार व कमाऊ पति की इच्छा जाहिर की। वहीं विधवा, विधुर व तलाकशुदा महिला/ पुरुषों ने भी दोबारा गृहस्थी बसाने समाज से सहयोग मांगा।

पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया जी ने युवाओं को दी बधाई

सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित पूर्व कैबिनेट मंत्री मान. डॉ. शिवकुमार डहरिया जी ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के समय में नौकरी सीमित है ऐसे में समाज के युवाओं को कृषि के साथ-साथ व्यापार व स्वरोजगार की दिशा में भी आगे आना होगा। उन्होंने सभी से संविधान की रक्षा करने एवं विवाह के दौरान तामझाम व फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने तथा सरकारी नौकरी की चाह में युवतियों को उम्र ना बढ़ने का आह्वान किया।

सम्मेलन में राजश्री सद्भावना समिति द्वारा प्रकाशित “सद्भावना संदेश पत्रिका” तथा आर.के. पाटले परिवार द्वारा प्रकाशित नववर्ष 2026 के नए कैलेंडर का विमोचन मंचस्थ सभी अतिथियो द्वारा किया गया।

स्वास्थ्य शिविर में 5000 लोगों ने उठाया लाभ 

राजश्री सद्भावना समिति की ओर से कार्यक्रम स्थल पर नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य लगाई गई जहां‌‌ डॉ. अमित भारद्वाज अपने 12 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के साथ जुटे रहे।इस दफे पहली बार 6 आयुर्वेद जगत से जुड़ी हुई महिला चिकित्सकगण डॉ.भुवनेश्वरी भारद्वाज के साथ अपनी सेवाएं दी। शिविर में युवक-युवतियों के साथ ही उनके अभिभावकों ने भी जांच उपरांत परामर्श लिया। दिन भर चले शिविर में 5000 से भी अधिक लोगों ने लाभ उठाया।

कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामय उपस्थित..

इस पूरे आयोजन में संरक्षक श्रीमती शकुन डहरिया,अध्यक्ष के.पी. खण्डे, डॉ.जे.आर. सोनी,डी.एस. पात्रे, सुंदरलाल जोगी, चेतन चंदेल, के. एन. भारद्वाज, अरुण मंडल, डॉ. राममनोहर कुर्रे ,आर.के. गेंदले, के .एल.रवि,चंपादेवी गेंदले,आर.के. पाटले, प्रकाश बांधे, कृपाराम चतुर्वेदी, लाला पुरेना, संतोष महिलांग ,पं.अंजोरदास बंजारे, मनीष कोसरिया, टिकेंद्र बघेल, सुखनंदन बंजारे, घासीदास कोसले, ईश्वर बारले, गुलाब महिलांग, नंदू मार्कंडेय,दयाराम जांगड़े, आसाराम लहरे, सनत डहरिया, डॉ .मन्नूलाल चेलक, छगनलाल सोनवानी, दर्शन मिरी,मनमोहन कुर्रे, सूर्यकुमार खिलाड़ी, हेमंत कुर्रे ,बाबा डहरिया ,रमेश चंदेल ,राधेश्याम बंजारे, सुभाष कुर्रे, मनोज बंजारे, लोकमणी कोसले, छगनलाल सोनवानी, ओमप्रकाश रात्रे, राधेश्याम घृतलहरे ,खेदु बंजारे, सनत गिलहरे, नरेंद्र कुर्रे ,ज्योतिलाल बंजारे, डॉ. सुरेंद्र कुर्रे, जीतू बारले नीलकमल आजाद महिलाओं‌ डॉ. कल्याण रवि, गिरिजा पाटले, सीमा सोनी, स्वाती कोसले, कीर्तिन कुर्रे, डॉ .भुनेश्वरी भारद्वाज, आशा पात्रे, डॉ. दुर्गा गेंदले, उमा भतपहरी, सीमा सोनी, संगीता बालकिशोर, सुनंदा बघेल, ममता कुर्रे, अमरौतिन भतपहरी, सुनीता देशलहरा, सरस्वती राघव, अनीता भतपहरी ,संगीता पाटले, गोंदा बारले, याचना भतपहरी, ललिता कुर्रे, यशोदा मनहरे, सहित हजारों लोग उपस्थित थे ।






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