प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रसेड़ा में धान टोकन पर ब्रेक, उपसरपंच दिलहरण चंदेल बोले—किसानों के हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी

(संतोष टंडन)

बलौदाबाजार। जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रसेड़ा में धान खरीदी के टोकन अचानक बंद किए जाने से किसानों में असंतोष और भय का माहौल है। किसान लगातार समिति और खरीदी केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि टोकन दोबारा कब से कटेंगे।

दिसंबर से 31 जनवरी तक टोकन कटने की समय-सीमा तय थी, लेकिन बिना पूर्व सूचना प्रक्रिया रोक दी गई। वारिसान पंजीयन, एग्री-स्टेट अपडेट और अन्य तकनीकी कारणों से कई किसान समय पर टोकन नहीं करा सके। रसेड़ा समिति अंतर्गत रसेड़ी, रसेड़ा, मेड, खपरी, सोनाडीह और बोईरडीह पंचायतों के करीब 180 किसान अब भी टोकन से वंचित हैं।

धान का अंबार लगा, लेकिन परिवहन ठप—बड़ा संकट मंडराया

समिति केंद्र में इस समय भारी मात्रा में धान का संग्रहण हो चुका है, लेकिन परिवहन कार्य लगभग ठप पड़ा हुआ है। धान परिवहन से जुड़े ठेकेदारों और वाहन चालकों का कहना है कि उठाव को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं मिल पा रहे हैं, जिस कारण धान का परिवहन आगे नहीं बढ़ रहा। यदि समय रहते परिवहन शुरू नहीं हुआ और मौसम खराब हुआ या कोई अन्य बाधा आई, तो संग्रहित धान के खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। इससे किसानों के साथ-साथ शासन को भी बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस पूरे मामले पर समिति केंद्र के उपसरपंच दिलहरण चंदेल ने कहा कि धान टोकन के साथ-साथ परिवहन की समस्या भी गंभीर है। उन्होंने बताया कि जल्द ही संबंधित अधिकारियों से मिलकर खरीदी और परिवहन दोनों पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे किसानों के साथ खड़े हैं और उनके हक व न्याय की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी।

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