नन्हीं खुशियों से महका वृद्धाश्रम: स्कूली बच्चों ने लिया बुजुर्गों का आशीर्वाद
(रौनक साहू)
बलौदाबाजार। बुधवार को एक्स्ट्राआर्डिनरी क्लास स्कूल बलौदाबाजार के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने स्थानीय वृद्धाश्रम का दौरा कर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की। बच्चों ने न केवल बुजुर्गों के साथ समय बिताया, बल्कि उन्हें उपहार देकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।

भावुक कर देने वाला मिलन
जैसे ही बच्चों का दल वृद्धाश्रम पहुँचा, वहां का शांत माहौल खिलखिलाहट से भर गया। बच्चों ने बड़े ही आदर के साथ सभी बुजुर्गों के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। कई बुजुर्ग बच्चों को देखकर भावुक हो गए और उन्हें अपने पोते-पोतियों की तरह गले लगा लिया।
उपहारों और प्यार का वितरण
बच्चों ने स्कूल के सहयोग से बुजुर्गों के लिए विशेष उपहार तैयार किए थे। इनमें शामिल थे:
दैनिक उपयोग की वस्तुए कुछ बच्चों ने भजन और कविताएं सुनाकर बुजुर्गों का मनोरंजन भी किया।
संस्कारों की सीख
स्कूल के प्राचार्या डॉ. एकता शुक्ला जी ने बताया कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा, “आज के डिजिटल युग में बच्चे बुजुर्गों के अनुभव और उनके महत्व को भूलते जा रहे हैं। ऐसे दौरों से वे रिश्तों की अहमियत समझेंगे। ”हमें यहाँ आकर बहुत अच्छा लगा। दादा-दादी की कहानियों और उनके आशीर्वाद ने हमारा दिन बना दिया।” — एक छात्र का अनुभव
वृद्धाश्रम के संचालकों ने स्कूल की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बुजुर्गों को अकेलापन महसूस नहीं होता और उन्हें समाज का हिस्सा होने का अहसास होता है। इस भ्रमण को सार्थक बनाने में स्कूल की शिक्षक यशवंत वैस्नव व आकांशा, काजल, सुशील, सपना मैम का सहयोग सराहनीय रहा।









