बजट “सूर्य के सामने दिया जलाने जैसा”, निर्णयों में अस्थिरता से जनता नाराज — जीवराखन साहू

(दीपक देवदश)

गुरुर। असंगठित कांग्रेस (CONGRESS)  मजदूर समस्या निवारण क्षेत्र, जिला बालोद के जिलाध्यक्ष एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गुरुर के पूर्व महामंत्री जीवराखन साहू (JEEVRAKHAN SAHU)  ने राज्य सरकार के प्रस्तुत बजट (BUDGET)  पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “निराशाजनक” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट “सूर्य के सामने दिया जलाने” जैसा है, जिसमें आम जनता, किसान और मजदूर वर्ग की मूल समस्याओं के समाधान की स्पष्ट दिशा नजर नहीं आती।

जीवराखन साहू ने आरोप लगाया कि सरकार बिना ठोस योजना  (PLAN) और दूरदृष्टि के फैसले ले रही है, जिसके कारण प्रदेश में नीतिगत अस्थिरता की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि पहले बिजली बिल (ELECTRICITY BILL)  में बढ़ोतरी की गई, फिर जनआक्रोश के बाद उसे कम करने की घोषणा (ANNOUNCEMENT)  कर दी गई। इसी प्रकार धान खरीदी को लेकर पहले बंद करने और फिर पुनः शुरू करने का निर्णय लिया गया, जिससे किसानों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी रही।

उन्होंने आगे कहा कि जमीन की रजिस्ट्री (REGISTRY) दरों में पहले वृद्धि की गई और बाद में उसे कम कर दिया गया। इस प्रकार के निर्णय यह दर्शाते हैं कि सरकार किसी भी मुद्दे पर ठोस और स्थायी नीति के साथ आगे नहीं बढ़ रही है।
साहू ने कहा कि बजट में मजदूर वर्ग, असंगठित श्रमिकों और मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस एवं प्रभावी प्रावधान नजर नहीं आते। उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में जनता की भावनाओं और जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निर्णय लिए जाएं, ताकि प्रदेश में विकास और जनकल्याण की दिशा मजबूत हो सके।






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