राष्ट्रीय अवकाश के दिन प्रशिक्षण कार्यक्रम कराने पर BSP का विरोध, 14 अप्रैल को पूर्ण अवकाश घोषित करने की मांग
(पंकज कुर्रे)
रायपुर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 14 अप्रैल, जो कि डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के रूप में राष्ट्रीय अवकाश घोषित है, उस दिन छत्तीसगढ़ जनगणना विभाग द्वारा प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने इसे कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताते हुए राज्य सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
बसपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टंडन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कहा है कि 14 अप्रैल को राष्ट्रीय अवकाश घोषित होने के बावजूद प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना शासन के निर्णय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस दिन अधिकतर कर्मचारी सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना उनके लिए असुविधाजनक होगा।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ जनगणना विभाग द्वारा 14 अप्रैल को प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया है, जो कि कर्मचारियों के अधिकारों और अवकाश के महत्व को नजरअंदाज करता है। बसपा ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बन सकती है।
श्याम टंडन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम को किसी अन्य कार्य दिवस पर आयोजित किया जाए, ताकि सभी कर्मचारी बिना किसी परेशानी के उसमें भाग ले सकें। साथ ही उन्होंने 14 अप्रैल 2026 को पूर्ण रूप से अवकाश घोषित करने की भी मांग की है, जिससे सभी नागरिक और कर्मचारी डॉ. अंबेडकर जयंती को सम्मानपूर्वक मना सकें।


