19 या 20 अप्रैल कब है अक्षय तृतीया…? यहां देखें क्या है इसकी सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में तीज त्योहारों का विशेष महत्व होता है। ठीक वैसे ही अक्षय तृतीया का भी खास महत्व होता है। इसे आखा तीज और अक्ती के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया जप, तप व दान कभी व्यर्थ नहीं जाता है। ऐसा करने से युगों-युगों तक इनका पुण्य फल प्राप्त होता है। तो चलिए जानते हैं इस बार अक्षय तृतीया कब मनाई जाएगी।
पंचांग के अनुसार, 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 45 मिनट से लेकर 20 अप्रैल को 7 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। इस समय में देवी मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना गया है। इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती है। मसलन विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय, संपत्ति क्रय और मांगलिक कार्य इस दिन बिना मुहूर्त के किए जा सकते हैं।
पूजा विधि
अक्षय तृतीया वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहने और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं और रोली, चंदन, फूल और फल अर्पित करें। इसके बाद मिठाई का भोग लगाकर तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करें
इस पूजा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
बता दें कि, अक्षय तृतीया का दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन संपत्ति और निवेश से जुड़े कार्य करना अत्यंत शुभ माना गया जाता है. सोना-चांदी खरीदना, भूमि या भवन खरीदना, नया व्यवसाय शुरू करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया दान, जप और खरीदारी अक्षय फलदायी मानी जाती है। कई लोग इस दिन नए कार्य, व्यापार या निवेश की शुरुआत को भी शुभ मानते हैं।


