मेहर समाज समिति रायपुर का चुनाव निरस्त: मतदाता सूची और मतदान में भारी गड़बड़ी उजागर
(पंकज कुर्रे)
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेहर समाज समिति, जिला रायपुर के 21 जनवरी 2024 को संपन्न चुनाव को रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं, छत्तीसगढ़ ने गंभीर अनियमितताओं और अपूर्ण प्रक्रिया के चलते निरस्त कर दिया है। जांच में मतदाता सूची, मतदान संख्या और चुनाव प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर विसंगतियां सामने आई हैं।
रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति में कुल 7286 सदस्य दर्ज हैं, जबकि चुनाव के लिए केवल 5878 मतदाताओं की सूची प्रकाशित की गई। हैरानी की बात यह रही कि सत्यापन में मात्र 4101 मतदाताओं द्वारा मतदान की पुष्टि हुई, जबकि मतगणना परिणाम में 11025 मत दर्ज किए गए—जो एक गंभीर और असंगत अंतर को दर्शाता है।
समिति का पंजीयन क्रमांक 222, दिनांक 26 फरवरी 2002 से छत्तीसगढ़ सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1973 के तहत वैध है। पूर्व में प्राप्त शिकायतों के आधार पर कराई गई जांच में चुनाव प्रक्रिया को कई बिंदुओं पर नियम विरुद्ध पाया गया।
नियमावली की कंडिका-12 के अनुसार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव एवं दो सदस्य सहित सभी पदों पर चुनाव होना था, लेकिन 21 जनवरी को केवल तीन पद—अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष—के लिए ही मतदान कराया गया। इस प्रक्रिया में खेमराज बाकरे (अध्यक्ष), राकेश मेहर (महासचिव) और रामाधार लहरी (कोषाध्यक्ष) को निर्वाचित घोषित किया गया था।
जांच में नामांकन प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। कोषाध्यक्ष पद के लिए कमल नारायण मिर्जा द्वारा नामांकन पत्र जमा किए जाने के बावजूद उनका नाम उम्मीदवारों की सूची में शामिल नहीं किया गया और न ही उनकी स्थिति स्पष्ट की गई।

मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर खामियां सामने आई हैं। कुल 7286 सदस्यों के मुकाबले केवल 4101 नामों की सूची प्रकाशित की गई। विभिन्न जिलों से मतदान आंकड़ों में रायपुर से 1761, दुर्ग से 192, बिलासपुर से 463, मुंगेली से 421, बेमेतरा से 870, बलौदाबाजार से 209, राजनांदगांव से 100 और जांजगीर-चांपा से 65 मतदाताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई।
रजिस्ट्रार ने यह भी पाया कि सदस्यता पंजी अधिनियम की धारा-16 के अनुरूप संधारित नहीं किया गया। संस्था के पास सदस्यों का अद्यतन रिकॉर्ड, सदस्यता तिथि, समाप्ति विवरण और हस्ताक्षर संबंधी अभिलेख व्यवस्थित रूप से उपलब्ध नहीं थे।
इन सभी तथ्यों को आधार बनाते हुए रजिस्ट्रार ने चुनाव को निरस्त करते हुए समिति की पूर्व निर्वाचित/अविवादित कार्यकारिणी को निर्देश दिया है कि 7286 सदस्यों की विधिवत मतदाता सूची तैयार कर नियमों के अनुसार सभी पदों के लिए पुनः निष्पक्ष चुनाव कराया जाए। साथ ही संस्थापक, संरक्षक, आजीवन और सामान्य सदस्यों से इस प्रक्रिया में सहयोग करने का आह्वान किया गया है।


