AKALTARA : कैसे होगा इलाज? जर्जर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में खतरे के बीच हो रही डिलीवरी, स्वास्थ्य विभाग बेखबर
(पंकज कुर्रे)
जांजगीर-चांपा | जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम अर्जुनी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) की बदहाल स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है। यहां एक ओर जहां प्रसव जैसी गंभीर स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर भवन की छत से कंक्रीट और प्लास्टर टूटकर नीचे गिर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।

जानकारी के अनुसार हाल ही में उप स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला की डिलीवरी कराई गई। इसी दौरान भवन की छत से कंक्रीट का हिस्सा टूटकर फर्श और बिस्तर पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि यह मलबा जच्चा और नवजात पर नहीं गिरा, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र की हालत लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। छत जगह-जगह से टूट चुकी है, दीवारों में दरारें हैं और बरसात के दिनों में पानी टपकने से स्थिति और भयावह हो जाती है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक भवन की मरम्मत या नए भवन निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
“अकलतरा बीएमओ – डॉ. महेंद्र सोनी ने बताया कि अर्जुनी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की मरम्मत एवं नए भवन निर्माण के लिए लगभग एक सप्ताह पूर्व ही डीएमएफ मद से प्रस्ताव भेजकर मांग की जा चुकी है। विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया जारी है।”
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की जान जोखिम में है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जर्जर भवन की मरम्मत कराने एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब स्वास्थ्य केंद्र ही असुरक्षित हो, तो आम लोगों को बेहतर इलाज और सुरक्षित प्रसव सुविधा कैसे मिल पाएगी?


