आस्था एवं पारम्परिक उल्लास के साथ रखा गया वट सावित्री व्रत
(मदन खाण्डेकर)
जांजगीर चाम्पा – जिले के नवागढ़ विकासखण्ड अंतर्गत आने वाले ग्राम अमोरा (महन्त) में देवरहा तालाब एवं धाराशिव (रोगदा) में शनि मंदिर के पास शनिवार के दिन वट सावित्री व्रत का पर्व श्रद्धा , आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। गांव की सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष की विथि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी आयु , सुखमय जीवन एवं परिवार की समृद्धि की कामना की। इन दिन सुबह से ही महिलायें पारंपरिक वेशभूषा एवं श्रृंगार में पूजास्थल पहुंचीं , जहां उन्होंने वट वक्ष की परिक्रमा कर रक्षा सूत्र बांधे और पूजा-अर्चना कर भजन कीर्तन भी की। इस दौरान सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण किया गया तथा महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की मंगल कामना की। पूजा स्थल पर धार्मिक भक्ति और उत्साह का अद्रुत माहौल देखने को मिला।
महिलाओं की बड़ी सहभागिता से पूरा ग्राम भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। वहीं ग्रामीणों ने भी इस धार्मिक आयोजन को भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक बताया। बताते चलें कि इसी दिन दिन सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापिस मांगे थे , तब से आज तक सुहागिन महिलाये विवाहित पीपल व वट वृक्ष की पूजा करती हैं। अमोरा में प्रभा पाण्डेय , विजय लक्ष्मी पाण्डेय , सरोज पाण्डेय , रागनी पाण्डेय , सविता तिवारी ,चांदनी तिवारी , सावित्री यादव , संगीता साहू , पूनम साहू , गणेशी कश्यप , रागनी साहू , पिंकी कश्यप एवं धाराशिव में कृष्णा बाई यादव , सुनीता यादव , जया यादव , रामकुमारी पटेल , उषा महंत , भगवती महंत , गुरबारी महंत , चांदनी पटेल और परमेश्वरी पटेल सहित सैकड़ों महिलाओं ने पूजा अर्चना की।


