हत्या के प्रयास में दोषी करार, आरोपी को 7 साल की सजा

(देवेश साहू)

बलौदाबाजार। कसडोल थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुए चाकूबाजी और हत्या के प्रयास के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश विवेक गर्ग की अदालत ने आरोपी किशन साहू को दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।


लोक अभियोजक थानेश्वर वर्मा ने बताया कि घटना 30 दिसंबर 2024 की रात करीब 8 बजे की है। प्रार्थी हिमांशु साहू अपने दोस्तों के साथ इंदिरा कॉलोनी, कसडोल में मौजूद था। इसी दौरान रौनक साहू को आरोपी किशन साहू ने मोबाइल पर फोन कर स्टेडियम गार्डन के पास बुलाया। वहां पहले से मौजूद आरोपीगण ने रौनक साहू से गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

लोक अभियोजक थानेश्वर वर्मा
लोक अभियोजक थानेश्वर वर्मा

आरोप है कि किशन साहू ने जान से मारने की नीयत से चाकू से रौनक साहू के सीने और पेट पर वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे हिमांशु साहू के पेट में भी आरोपी ने चाकू मार दिया, जबकि दिवाकर साहू के हाथ पर भी चाकू से हमला किया गया। अन्य आरोपियों ने भी हाथ-मुक्कों से मारपीट की।

मामले में कसडोल पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी किशन साहू, हिमाचल साहू और तीन अपचारी बालकों को गिरफ्तार किया था। आरोपी किशन साहू की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया।

विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 18 साक्षियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर माना कि आरोपी ने जानलेवा हमला किया था, जिससे समय पर इलाज नहीं मिलने पर पीड़ितों की जान भी जा सकती थी।

न्यायालय ने आरोपी किशन साहू को धारा 109 बीएनएस के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड, तथा धारा 115(2) बीएनएस के तहत 1 वर्ष के कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।