असत्य पर हुई सत्य की विजय, धू धू कर जला अहंकारी रावण, मुख्यातिथि के तौर पर विधायक संदीप साहू ने की शिरकत, अध्यक्षता नपाअध्यक्ष नागेश्वर और विशिष्ट अतिथि अरुण मिश्रा रहें मौजूद
कसडोल। विजयादशमी पर्व के दिन जिस तरह प्रभु श्री राम ने अत्याचार एवं आतंक के पर्याय रावण का वध कर लोगों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी। उसी तरह हमें भी सत्य एवं अहिंसा के रास्ते पर चलकर समाज में व्याप्त अन्याय एवं अत्याचार से लड़ना होगा। हमें अपने अन्दर बसे हुए अहंकार रूपी रावण को मारना होगा। कसडोल नगर के सुप्रसिद्ध दशहरा उत्सव कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यातिथि विधायक संदीप साहू ने उक्त बातें कही। उन्होंने आगे कहा कि प्रभु श्री राम ने जिस तरह से अन्याय , अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी उसी तरह आज हम सबको अन्याय, अत्याचार, अनाचार एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़नी पड़ेगी। विधायक ने कहा कि कसडोल में आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव की ख्याति पूरे प्रदेश में है पिछले कई वर्षों से यहाँ के दशहरा उत्सव समिति के सदस्य के रूप में यहाँ आकर मुझे अदभुत खुशी का एहसास होता है।

उन्होंने उपस्थित जन समुदाय को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग से यहाँ आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव में और भी निखार आएगा। साथ ही कहा कि जनप्रतिनिधियों को भी हमेशा चुनाव जीतने के बाद अपने अहंकार को बाहर कर ही जनता के समक्ष कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नपा अध्यक्ष नागेश्वर साहू ने कहा कि आज के दिन भगवान श्री राम ने बुराई के प्रतीक महाशक्तिशाली रावण का वध किया था आज हमें अपने अंदर की अहंकार को खत्म कर वास्तविक विजयादशमी मनाने का आवाहन करना चाहिए। इसके अलावा श्री साहू ने आगामी दिवस दुर्गा विसर्जन पर समस्त जनों को आने का निमंत्रण भी दिया। इसके अलावा विशिष्ट अतिथि रहें पूर्व विधायक अरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर असत्य पर सत्य का विजयादशमी पर्व मनाया था तबसे पूरे भारतवर्ष में विजयादशमी पर्व मनाया जा रहा है। दशहरा पर आमजनों को बधाई भी दिया, श्री मिश्रा ने उक्त भाषण के दौरान धार्मिक कार्यों में राजनैतिक बातों को छोड़कर केवल धार्मिक बाते करने की बात कही गई। साथ ही श्री मिश्रा ने कहा कि रावण को राम के बाण ने नहीं मारा बल्कि रावण के अहंकार और भीभीषण और राम ने मारा। समिति के अध्यक्ष ऋतिक मिश्रा, अशोक यादव और भावेश यादव ने मंच का संचालन कर क्षेत्र वाशियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर राम लीला मण्डली बगदेवी पारा के द्वारा राम रावण युद्ध का मंचन किया गया । उसके बाद लगभग 1 घंटे तक आकर्षक आतिशबाजी किया गया। अन्त में 80 फीट रावण के पुतले का दहन किया गया। दशहरा उत्सव समिति के आयोजन में सदस्यगण ऋत्विक मिश्रा, अशोक यादव, रामकिशन साहू, चंदन साहू, निरेन्द्र क्षत्रीय, गिरजा साय, भावेश यादव, द्वारिका निर्मलकर, कमल पटेल, रोहित साहू, हरिकांत साहू (राजू), भानु प्रताप साहू, आयुष साहू, नंद कुमार धीवर, कुशल साहू, सरोज साहू, मोतीलाल बंजारे, सूर्या यादव, राजेन्द्र साहू, बसंत श्रीवास, मनोज साहू, विनोद बंजारे, वेद व्यास साहू, राजकुमार साहू, लक्की मिश्रा, विजय साहू, हरिराम कैवर्त्य, प्रशांत जायसवाल, सुनील साहू, गुड्डा जायसवाल, कोमल साहू, जय साहू, हेमन्त बघेल, संदीप यादव, हरि साहू, अनुराग पांडेय, विजय साहू, नानू भारती, मितेश चौहान, विकास पैकरा, दिनेश वैष्णव, प्रभात साहू, शंकर साहू, पुष्पेन्द्र साहू (अधिवक्ता), गोपाल प्रसाद साहू, उमेश साहू, दिलहरण साहू, राजू साहू, गोलू कैवर्त्य, ललित श्रीवास, मोतीलाल बंजारे, जगत साहू, चंदन जायसवाल सहित समिति के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

“उत्सव देखने उमड़ी भीड़, मैदान खचाखच भरा”
कसडोल में आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव देखने नगर एवं क्षेत्र के बच्चे ,बुढ़े और जवान सपरिवार तो आते ही हैं , इसके अलावा आसपास के महासमुंद ,जांजगीर- चाम्पा ,बिलासपुर , रायगढ़ तथा रायपुर जिले से भी लोग भारी संख्या में दशहरा उत्सव देखने आते हैं। इस साल आयोजकों के उम्मीद से भी ज्यादा भीड़ हो गई थी दशहरा मैदान में लोगों की इतनी भीड़ एकत्रित हो गई थी कि कहीं पर पैर रखने की भी जगह नहीं थी। मैदान में जगह नहीं मिलने से लोगों को सड़क पर खड़े होकर दशहरे के आनंद उठाना पड़ा वहीँ अधिकांश लोग जगह नहीं मिलने के कारण ईधर उधर भटकते नजर आए ।
“एक घंटे तक बिखरती रही आसमान में आतिशबाजी”
कसडोल दशहरा उत्सव समारोह का मुख्य आकर्षण यहाँ पर होने वाले आसमानी आतिशबाजी रहता है। आपको बता दे कि मौजूदा विधायक संदीप साहू द्वारा सहयोग किया गया था शिवकाशी से मंगाए गए फटाकों के आतिशबाजी की छटा लगभग एक घंटे तक आसमान बिखरती रही ।दशहरा मैदान में उपस्थित हजारों की भीड़ दिल थामकर आतिशबाजी का आनंद उठाते रहे । लोग अपने मोबाईल फोन पर आतिशबाजी के नजारे को कैद करने के लिए आतुर दिखे।





