पंचायत में 15वें वित्त की राशि को लेकर बवाल, ग्रामसभा में सचिव-सरपंच से जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों में नाराजगी
{Pankaj Kurre}
पामगढ़ | जनपद पंचायत पामगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेहंदी में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए कार्यों को लेकर ग्रामसभा में ग्रामीणों ने सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में 15वें वित्त से हुए कार्यों और खर्च की जानकारी मांगने के बावजूद पंचायत सचिव और सरपंच की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
शुक्रवार 2 अक्टूबर को पंचायत में आयोजित ग्रामसभा के दौरान सरपंच संतोषी अजगल्ले एवं सचिव अश्वनी लहरे की मौजूदगी में पंचों और ग्रामीणों की बैठक हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने 15वें वित्त से कराए गए करीब 16 लाख 21 हजार रुपये के कार्यों की जानकारी मांगी।
ग्रामीणों के मुताबिक, जानकारी मांगने पर सरपंच और सचिव की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने पंचायत में फर्नीचर खरीदी, नाली की साफ-सफाई, शौचालय, हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य कार्यों में खर्च की गई राशि और कार्यों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
पहले भी कलेक्टर-सीईओ से की जा चुकी है शिकायत
बताया गया कि पंचायत में 15वें वित्त की राशि में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए उपसरपंच एवं पंचों ने 22 सितंबर को कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ से शिकायत की थी। शिकायत में 31 मई 2025 से 27 अगस्त 2026 के बीच 15वें वित्त से आहरित करीब 16 लाख 21 हजार रुपये को किन-किन कार्यों में खर्च किया गया, इसकी जांच की मांग की गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक मामले में जांच या कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के वित्तीय कार्यों की जांच कर खर्च और निर्माण कार्यों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है।
उपरोक्त वित्तीय अनियमितता से जुड़े आरोप ग्रामीणों/पंचों की शिकायत पर आधारित हैं।





