भालुओं के हमले से युवक गंभीर रूप से घायल — वन विभाग की लापरवाही फिर आई सामने          

(मदन खाण्डेकर)

गिधौरी ।ग्राम मोहदा के युवक पर तीन भालुओं ने किया हमला, वन विकास निगम की अनदेखी से ग्रामीणों में दहशत


ग्राम मोहदा (परिक्षेत्र रवान, परियोजना मंडल बारनवापारा) में उस समय सनसनी फैल गई जब सुबह शौच के लिए जंगल की ओर गए एक ग्रामीण पर तीन भालुओं ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में सुखदेव ध्रुव उम्र 32 वर्ष, पिता पुरनसिंग ध्रुव गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना आज सुबह करीब 6 बजे की है, जब सुखदेव खेत की दिशा में शौच के लिए गए थे।ग्रामीणों ने बताया कि मोहदा क्षेत्र वन विकास निगम, परिक्षेत्र रवान के अंतर्गत आता है, जहां पहले भी जंगली जानवरों की आवाजाही और हमलों की आशंकाएँ जताई गई थीं, पर वन विभाग द्वारा सुरक्षा या चेतावनी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।घटना के बाद परिजन घबराए हुए अवस्था में घायल सुखदेव को निजी साधन से अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज जारी है। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग सतर्क होता और गांव के आसपास के जंगलों में निगरानी, सूचना तंत्र या चेतावनी बोर्ड की व्यवस्था होती तो यह हादसा टाला जा सकता था।वन विभाग की नाकामी उजागर यह घटना वन विकास निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। बारनवापारा जैसे महत्वपूर्ण वन मंडल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में न वनकर्मी की गश्त, न चेतावनी संकेतक, न ही ग्रामीणों को जागरूक करने की कोई पहल दिखाई देती है। इससे ग्रामीणों की सुरक्षा भगवान भरोसे दिखती है।ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि —गांवों के आसपास के इलाकों में नियमित गश्त की जाए।भालुओं और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही की जानकारी देने वाली अलर्ट प्रणाली विकसित की जाए।लोगों को जंगल जाने से रोकने या सतर्क करने के लिए साइनबोर्ड और चेतावनी जारी की जाए।पीड़ित परिवार को वन विभाग द्वारा शीघ्र मुआवजा और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना दिया है। ग्रामीणों का वन विभाग पर से भरोसा उठता नजर आ रहा है और मांग की जा रही है कि वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएं।



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