छत्तीसगढ़ की बेटी पुष्पा को मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान, देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से मिली स्कॉलरशिप 

(पंकज कुर्रे)

 

जांजगीर-चांपा। पामगढ़ ब्लॉक के छोटे से गांव कोहका की बेटी पुष्पा लहरें ने अपने संघर्ष और मेहनत से देश की प्रतिष्ठित शिव नादर यूनिवर्सिटी, नोएडा (दिल्ली NCR) में एम.ए. इन रूरल मैनेजमेंट के लिए चयनित होकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से 12 लाख रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की गई हैं l

 

पुष्पा बचपन से ही मेधावी और कर्मठ रही हैं। प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही प्राप्त की, फिर पामगढ़ के चैतन्य महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहीं। उन्होंने वेदांता बालको की कौशल प्रशिक्षण संस्था में दो वर्षों तक प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया। इससे पूर्व में दलित फाउंडेशन में सामाजिक भेदभाव और छुआछूत मुक्त समाज के लिए कार्य कर चुकी हैं।

 

साथ ही, अक्षर समाजसेवी संस्था पामगढ़ के माध्यम से महिला नेतृत्व विकास, लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर भी निरंतर काम करती रही हैं। वर्ष 2024 में उन्हें ग्रीन हब सेंट्रल इंडिया भोपाल में डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण के लिए प्रतिष्ठित फेलोशिप भी प्राप्त हुआ।

शिव नादर यूनिवर्सिटी प्रत्येक वर्ष देशभर से उच्च शिक्षा के लिए प्रतिस्पर्धा आयोजित करती है,इस वर्ष छत्तीसगढ़ से पुष्पा का चयन हुआ,जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

 

पुष्पा अपनी सफलता का श्रेय अपनी बड़ी बहन चंद्रकुमारी लहरें को देती हैं, जो स्वयं एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और अक्षर संस्था की डायरेक्टर हैं। चंद्रकुमारी महिला शिक्षा, लैंगिक असमानता, अंधविश्वास और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं अधिकारों पर समर्पित होकर कार्य कर रही हैं।