छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के खेल का भंडाफोड़,पास्टर सहित दो गिरफ्तार, हिंदू संगठनों ने मचाया बवाल

बिलासपुर। बीमारी ठीक करने के लिए चंगाई सभा का आयोजन करना और प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन का खेल करने का एक मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिंदूवादी संगठनों में जमकर बवाल मचाया। संगठन के विरोध व शिकायत के बाद पुलिस ने एक पादरी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला पचपेड़ी थाना इलाके का है।


बिलासपुर जिले में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। शहर के निचली बस्ती इलाके के अलावा ग्रामीण इलाकों में प्रार्थना सभा का आयोजन करना और प्रार्थना सभा में बीमारी ठीक करने का झांसा देकर मिशनरी से जुड़े लोग धर्मांतरण करा रहे हैं। ऐसे ही एक मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र में आया। हिंदूवादी संगठनों की शिकायत और मौके पर पहुंचकर हंगामा मचाने के बाद पुलिस ने धर्मांतरण कराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।


पचपेड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जोंधरा में रविवार को हिंदू संगठन से जुड़े लोगों व पदाधिकारियों ने धर्मांतरण का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। जब कार्यकर्ता गांव पहुंचे तब वहां एक मकान में भजन कीर्तन के बाद प्रार्थना सभा चल रही थी। प्रार्थना सभा में ईसाई समुदाय के लोगों को देखते ही संगठन के पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जय श्रीराम का नारा लगाते हुए हंगामा मचाने लगे। घटना की सूचना पचपेड़ी पुलिस थाने को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पचपेड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा मचा रहे पदाधिकारियों को शांत कराया। संगठन के पदाधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने पास्टर सुखनंदन लहरे और उसके भाई रघुनंदन लहरे के खिलाफ धर्म स्वातंत्रय अधिनियम और बीएनएस की धारा 299 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी श्रवण कुमार टंडन ने बताया कि हिन्दू संगठन के लोगों ने ग्राम जोंधरा में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराने की शिकायत की है। जिसके आधार पर सुखंनदन लहरे पास्टर और उसका भाई रघुनंदन लहरे के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है।



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