फेयरवेल के नाम पर स्टंटबाजी: जेन-जी छात्रों की जान जोखिम में..लग्जरी गाड़ियां, ट्रैक्टर और स्टंट..सरकारी स्कूलों के छात्र सोशल मीडिया ट्रेंड के शिकार

BALODABAZAR; ट्रेंड फॉलो करने के चक्कर में जेन-जी छात्र अपनी जान जोखिम में डालते नजर आ रहे हैं। कसडोल विकासखंड सहित बलौदाबाजार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र फेयरवेल पार्टी के दौरान लग्जरी गाड़ियों और ट्रैक्टरों में खतरनाक स्टंट करते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। ताजा मामला शुक्रवार को ग्राम छेछर से सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार फेयरवेल पार्टी के दिन छात्र कारों और ट्रैक्टरों पर खड़े होकर बोनट पर बैठकर और खिड़कियों से बाहर लटकते हुए स्टंटबाजी करते दिखाई दिए। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग इलाकों से ऐसे वीडियो सामने आ चुके हैं।

“कटगी में सामने आया पहला मामला”

कटगी क्षेत्र में शासकीय स्कूल के छात्रों की फेयरवेल पार्टी के दौरान 15 से 20 लाख रुपये कीमत की लग्जरी गाड़ियों का उपयोग किया गया। बताया गया कि एक वाहन किराए पर लिया गया था, जबकि अन्य वाहन छात्रों के परिजनों के थे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 16 बालिग छात्रों सहित कुल 26 वाहन चालकों के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चालन के तहत चार आपराधिक प्रकरण दर्ज किए। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत कार्रवाई करते हुए सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां वाहन मालिकों पर कुल 32 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

“कसडोल के आत्मानंद स्कूल से भी वीडियो वायरल”

दूसरा मामला कसडोल स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल से जुड़ा है। शनिवार को आयोजित फेयरवेल पार्टी के बाद छात्र-छात्राएं तेज रफ्तार वाहनों में सवार होकर सड़क पर स्टंट करते नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी प्रकार की आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिल सकी है।

“छेछर से सामने आया ताजा मामला”

तीसरी घटना ग्राम छेछर की है, जहां छात्रों द्वारा ट्रैक्टर और कारों में स्टंट करते हुए स्कूल पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस घटना ने भी लोगों में नाराजगी और चिंता बढ़ा दी है।

अनुशासन और जिम्मेदारी पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सरकारी स्कूलों में अनुशासन, छात्रों की सामाजिक जिम्मेदारी और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के उद्देश्य और उसके क्रियान्वयन को लेकर भी बहस तेज हो गई है।

“प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग”

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में छात्र जानलेवा स्टंट कर रहे हैं। यदि समय रहते स्कूल प्रबंधन और प्रशासन द्वारा सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।