बिलाईगढ़ में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत : जगह-जगह पर बूथ कैंप के माध्यम से खिलाई गई दवा

मदन खाणृडेकर

सारंगढ़ – छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ क्षेत्र अंतर्गत फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार से की गई इस दौरान बूथ स्थलों में बड़ी संख्या में लोगों को फाइलेरिया के बचाव के लिए दवा सेवन कराया गया अलग-अलग स्थान में कार्यक्रम आयोजित हुई जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने लोगों के साथ दवा सेवन कर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में अपनी सहभागिता निभाई ।

विकासखंड चिकित्सा अधिकारी बिलाईगढ़ डॉक्टर शशि जायसवाल ने कहा कि शासन के निर्देश अनुसार फाइलेरिया (हाथीपांव) को रोकने के उद्देश्य से मास लेवल जैसे स्कूल अस्पताल बस स्टैंड रेलवे स्टेशन जैसे विभिन्न स्थानों में कैंप लगाकर वृहद लोगों के उपस्थिति में फाइलेरिया के बचाव के लिए दवाइयां का सेवन कराया गया यह अभियान 25 फरवरी तक चलाया जाएगा दिन में अलग-अलग कार्यक्रम के तहत लोगों के घर-घर जाकर लोगों को दवाई वितरण कर फाइलेरिया के रोकथाम के लिए दवाई खिलाया जाएगा । साथी डॉक्टर शशी जायसवाल ने जिले वासियों से अपील भी की है कि जिले को फाइलेरिया मुक्त जिला बनाने के लिए दवा का सेवन जरूर करें और स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान में अपनी सहभागिता निभाएं इस दवा का सेवन करने से किसी भी प्रकार की हानि या दुष्प्रभाव शरीर पर नहीं पड़ेगा ।

फाइलेरिया क्या है?

फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है, जिसे सामान्यतः हाथीपाँव के नाम से जाना जाता है।

फाइलेरिया के लक्षण

सामान्यतः कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। बुखार, हाँथ पैर में दर्द या सूजन तथा पुरुषों के जननांग (हाइड्रोसिल/अंडकोष) में व उसके आसपास दर्द या सूजन होता है।

फाइलेरिया की दवा कैसे काम करती है?

यह दवा फाइलेरिया के परजीवियों को मार देती है मरते हुए परजीवियों के प्रतिक्रिया स्वरूप कभी-कभी सरदर्द, शरीर में दर्द, बुखार, उल्टी तथा बदन पर चकत्ते जैसे मामूली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती है। घबरायें नहीं, आमतौर पर ये लक्षण स्वतः ही ठीक हो जाते हैं।






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