गिधौरी-शिवरीनारायण मार्ग शबरी सेतु पर दोनो किनारे भारी धुल,नगर पंचायत एवं सेतु विभाग की उदासीनता उजागर

विशाल मांघी मेला प्रारंभ में 8दिन शेष बचे । धुल से राहगीर परेशान।

मदन खाण्डेकर

गिधौरी। गिधौरी -शिवरीनारायण मार्ग की जर्जर सडक एवं जानलेवा गड्ढे से चलकर आमजनो को भुगतना पड रहा है और ऊपर से गिधौरी शिवरीनारायण शबरीसेतु पुल पर जगह जगह बडेबडे गड्ढे हो गया है।तथा शबरीसेतु पुल पर दोनो किनारे पर भारी मात्र में धुल जामव हो गया है ।और वाहनों की आवाजाही से धुल के गुब्बारे उडने से लोगों का परेशानियों का सामना करना पड रहा है।नगर पंचायत शिवरीनारायण एवं शबरी सेतु विभाग की उदासीनता उजागर होने लगी है क्योंकि शिवरीनारायण का विशाल मांघी मेला 1फरवरी को प्रारंभ होगा।जिसमें मेला देखने हजारों की तदात पर रोज श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है किंतु जर्जर सडक ,और शबरीसेतु पुल पर दोनो तरफ धुल जमा है ।साप सफाई पर विभाग ध्यान नही दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं अपनी मन्नत पुरा करने किया लिए भुईयां नापते लोट मारते हुए बडें मंदिर पहुंचते है ।श्रद्धालुओं के लिए जर्जर सडक और शबरीसेतु पर भारी धुल से कटिनाईयो का सामना करना पडेगा। गिधौरी -शिवरीनारायण मार्ग पर गुजरने से लोगो को भारी परेशानी उठानी पडती है और धुल के गुब्बारे से जहां दुकानों में भी धुल का जमाव हो जाता है जिससे दुकानदार भी बार बार साप सफाई करने से परेशान है महानदी शबरीसेतु पुल पर अव्यवस्था का आलम है और सड़कों पर धूल की समस्या से लोग बेहद परेशान हैं, जिससे सांस की बीमारियां, एलर्जी, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी संक्रमण बढ़ रहे हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा खतरा है; यह समस्या खराब सड़कों और निर्माण कार्यों के कारण पैदा हो रही है, जिससे दुकानदारों और किसानों को भी नुकसान हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है, जबकि स्थानीय प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।

“समस्या के मुख्य बिंदु”

स्वास्थ्य पर असर: धूल के कण श्वसन संबंधी समस्याओं (अस्थमा, एलर्जी, सांस लेने में दिक्कत), आंखों में जलन, खुजली और त्वचा संक्रमण का कारण बन रहे हैं.बच्चों और बुजुर्गों को खतरा: धूल का सबसे बुरा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है, डॉक्टर भी मुंह ढकने की सलाह दे रहे हैं.व्यावसायिक नुकसान: धूल के कारण घरों और दुकानों में मिट्टी जमा हो रही हैऔर किसानों के पौधों और खेतों को भी नुकसान हो रहा है।

खराब सड़कें:गिधौरी से शिवरीनारायण मार्ग जैसी सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिनसे गाड़ियां गुजरते समय भारी धूल उड़ती है, जिससे पट्टे टूटने का डर रहता है.दुर्घटना का खतरा: धूल के गुबार से दृश्यता कम होती है, जिससे सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और लोगों की जान जोखिम में है.प्रशासन की अनदेखी: नगर पंचायत और संबंधित विभाग धूल नियंत्रण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे समस्या बढ़ती जा रही है.

“गिधौरी शिवरीनारायण मार्ग पर लगा घंटों जाम”

लगातार इस मार्ग आए दिन बरसात के समय पर बड़े बड़े जान लेवा गड्डे से एवं अब रोज आएं दिन गिधौरी -शिवरीनारायण शबरी सेतु पुल पर कुछ न कुछ वजह से वाहनों की लम्बी जाम लगी रहती है गुरूवार को लगातार दो घंटे वाहनों की जाम लग गई थी जिसमें आवागमन बाधित हो गया था और पुल पर जाम के कारण राहगीरों को बहुत ही परेशानियां का सामना करना पड़ा। गिधौरी में चक्का जाम के दौरान इस मार्ग पर भारी वाहनों को डायवर्ट करने मांग किया गया था परन्तु एक सप्ताह गुजरने के बाद भी डायवर्ट नहीं किया गया है शिवरीनारायण में 1फरवरी को विशाल मेला प्रारंभ होना है और भारी वाहनों पर रोक नहीं लगाई जाती तो । श्रद्धालुओं को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।शासन प्रशासन अपनी खामियां छुपाने के लिए मदमस्त है और ध्यान आकर्षित नहीं किया जा रहा है



इन्हें भी पढ़े