जांजगीर-चांपा: बरबसपुर में रेत माफियाओं का खुला खेल, आवंटित क्षेत्र से सैकड़ों मीटर दूर तक हो रहा अवैध उत्खनन, जिला प्रशासन मौन? 

(ब्यूरो रिपोर्ट)

बरबसपुर/जांजगीर-चांपा। जिले के बरबसपुर क्षेत्र में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। नियमों और प्रशासन के निर्देशों को ताक पर रखकर यहाँ धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन जारी है। सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि माफिया प्रशासन द्वारा आवंटित खदान क्षेत्र की सीमाएं लांघकर सैकड़ों मीटर दूर तक नदी और आस-पास के क्षेत्रों का सीना चीर रहे हैं।

तस्वीरें और वीडियो बयां कर रहे हैं जमीनी हकीकत हाल ही में सामने आए ताजा वीडियो और तस्वीरों ने इस अवैध कारोबार की पोल खोल दी है। इन दृश्यों में साफ देखा जा सकता है कि भारी मशीनों का प्रयोग कर दिन-दहाड़े चैनमाउंटेंन (पॉकलेन) और जेसीबी जैसी भारी-भरकम मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है।

परिवहन का बड़ा नेटवर्क मौके पर ट्रकों और हाइवा (डंपर) की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जो बेधड़क रेत भरकर परिवहन कर रही हैं। खुलेआम हो रहा काम यह नजारा स्पष्ट करता है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि एक संगठित तरीके से चल रहा बड़ा अवैध कारोबार है, जिसका संचालन बेखौफ होकर किया जा रहा है।

नियमों की उड़ रही धज्जियां: खनिज विभाग के नियमों के मुताबिक, रेत खदान के लिए जो जगह और दायरा तय किया जाता है, उत्खनन उसी सीमा के भीतर होना चाहिए। लेकिन बरबसपुर में माफियाओं ने सारी हदें पार कर दी हैं। आवंटित खदान से कई सौ मीटर दूर तक नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बिगाड़ते हुए रेत निकाली जा रही है। इस अंधाधुंध खुदाई से न केवल जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि शासन को भी लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे गंभीर सवाल इतने बड़े पैमाने पर दिन के उजाले में दर्जनों ट्रकों और मशीनों का उपयोग कर अवैध खनन होना और खनिज विभाग या स्थानीय प्रशासन का कोई एक्शन न लेना, कई तरह के सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि बिना किसी मिलीभगत या अनदेखी के इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन संभव नहीं है।

कार्रवाई की मांग तस्वीरों और वीडियो के रूप में पुख्ता सबूत सामने आने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जांजगीर-चांपा का जिला प्रशासन और खनिज विभाग इन बेलगाम रेत माफियाओं पर क्या ठोस कार्रवाई करता है। क्षेत्र के लोगों ने तत्काल सीमांकन (Demarcation) कर अवैध रूप से खोदी गई जगहों की जांच करने और दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

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