बाल विवाह मुक्त भारत के लिए कल्प और JRC का 2-दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न


(नीलकमल आजाद)

बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के पूर्ण उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कल्प समाज सेवी संस्था (KALP) द्वारा Just Rights for Children (JRC) के विशेष सहयोग से 2-दिवसीय गहन स्टाफ प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

​यह प्रशिक्षण 27 नवंबर के संयुक्त राष्ट्र (UN) घोषणापत्र के वैश्विक विज़न और ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया था। JRC की इस राष्ट्रीय पहल के तहत कल्प संस्था छत्तीसगढ़ के 3 प्रमुख जिलों—बलौदाबाज़ार-भाटापारा, जांजगीर चाम्पा और सारंगढ़-बिलाइगढ़ में धरातल पर अभियान चला रही है।
​पुलिस प्रशासन और WCD विभाग का मिला मार्गदर्शन
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि थाना प्रभारी (TI) कसडोल द्वारा किया गया। उन्होंने पुलिस विभाग और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) तथा POCSO Act के तहत FIR प्रक्रिया और कानूनी नियमों की विस्तृत जानकारी दी।


​कार्यक्रम के अगले चरण में जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) ने महिला एवं बाल विकास विभाग की प्राथमिकताओं और संवेदनशील गांवों (Priority Villages) को चिन्हित कर ग्राम स्तर पर रिपोर्टिंग ढांचा मजबूत करने पर सत्र लिया।

​’सुरक्षित बाल ग्राम’ बनाने का संकल्प

संस्था के प्रतिनिधी अभिषेक यादव ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य संस्था के मैदानी कार्यकर्ताओं को कानूनी, प्रशासनिक और विभागीय प्रक्रियाओं में दक्ष बनाना है, ताकि चयनित जिलों के प्रत्येक गांव को ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ के रूप में विकसित किया जा सके।
​कार्यशाला में कानूनी विशेषज्ञों, प्रोजेक्ट लीडर्स और कल्प टीम के सभी फील्ड कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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