मदिरा प्रेमियों ने विधायक को रोहांसी शराब भट्टी ले जाकर शराब का ओवररेट की शिकायत, उपनिरीक्षक निलंबित, प्लेसमेंट कर्मियों को ब्लैकलिस्ट किया

(देवेश साहू)

पलारी। शराब की अधिक दर पर बिक्री की शिकायत को नजरअंदाज करने और जांच में लापरवाही बरतने के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, रोहांसी स्थित शराब भट्टी में तैनात प्लेसमेंट के सभी चार कर्मियों को ब्लैकलिस्ट कर विभाग से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई कसडोल विधायक संदीप साहू द्वारा मौके पर जाकर शिकायत सुनने के बाद की गई।


मदिरा प्रेमियों ने सड़क पर रोककर विधायक को भट्टी ले जाकर दिखाई ओवररेट वसूली

दरअसल, 2 अगस्त को विधायक संदीप साहू रोहांसी दौरे पर जा रहे थे। लवन-खरतोरा मार्ग पर अचानक सैकड़ों मदिरा प्रेमियों ने उनकी गाड़ी को बीच सड़क में रोक लिया। शराब प्रेमियों ने विधायक को गाड़ी से उतारकर सीधे शराब भट्टी ले गए और बताया कि यहां निर्धारित दर से 10 से 20 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। विधायक ने स्वयं भट्टी के परिसर में जाकर निरीक्षण किया और ओवररेट वसूली की पुष्टि की। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को फोन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक ने कहा, “रोजाना एक से दो लाख रुपये की अवैध वसूली हो रही है, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।”

विधायक की शिकायत पर आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को जांच सौंपी गई। जांच में उन्होंने मूल शिकायत को नजरअंदाज करते हुए देशी शराब काउंटर पर मामला दर्ज किया, जिससे ग्रामीण असंतुष्ट रहे। दोबारा जांच में पाया गया कि भट्टी का CCTV सिस्टम पूरी तरह बंद था और उपनिरीक्षक ने इसकी जानकारी जिला कार्यालय को कभी नहीं दी। आबकारी आयुक्त कार्यालय ने इसे कर्तव्य की घोर लापरवाही ठहराते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन में उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रायपुर रहेगा।

रोहांसी शराब भट्टी में प्लेसमेंट पर कार्यरत चारों कर्मियों को भी विभाग ने ब्लैकलिस्ट कर तत्काल हटा दिया है। जिला आबकारी अधिकारी निधिश कोटिश ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि उपनिरीक्षक माधव राव को निलंबित किया गया है और भट्टी के चार कर्मचारियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे की जांच जारी है और किसी भी प्रकार की ओवररेट वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पूरे प्रकरण ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं,

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