श्रीभगवान कृष्ण चंद्र स्वयं गौपालन किया करते थे -राजेश्री महन्त जी
श्रीमद् भागवत महापुराण एवं श्री राम कथा सहित अनेक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए महामंडलेश्वर
मदन खाण्डेकर
गिधौरी। छत्तीसगढ़ राज्य (CHHATTISGARH STATE) गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज श्रीमद् भागवत महापुराण एवं श्री राम कथा सहित अनेक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेश्री महन्त जी महाराज दिनांक 27 दिसंबर 2025 को ग्राम ग्राम पिसीद एवं खरौद में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में तथा ग्राम कौवांताल में आयोजित श्री राम कथा कार्यक्रम में सम्मिलित। आयोजक परिवारों के द्वारा उनका बहुत ही आत्मीयता पूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि- भगवान श्री कृष्णचंद्र जी स्वयं गौ पालन किया करते थे। वे गौ चारण के लिए भी जंगल में जाते थे, जब साक्षात परमात्मा मनुष्य का शरीर धारण कर गौ माता की सेवा कर सकते हैं तब हमारा और आपका यह परम सौभाग्य है कि हम भी अपने जीवन काल में उनकी सेवा करें इससे मनुष्य की सभी मानो कामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
श्री राम कथा में मानस के श्रोताओं को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए उन्होंने कहा कि- मुखिया को मुख के समान होना चाहिए जो खट्टा, मीठा आदि अनेक रसों को ग्रहण स्वयं करता है किंतु शरीर के किन अंगों को कितना रस चाहिए इसका बटवारा विवेक पूर्वक करता है, श्री रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने लिखा है कि- *मुखिया मुख सो चाहिए, खान-पान को एक। पालै पोसै सकल अंग, तुलसी सहित विवेक*।। इन कार्यक्रमों में उनके साथ कमलेश सिंह, सुबोध शुक्ला, गोविंद यादव, चन्द्रकान्त तिवारी, डॉ रामचंद्र पटेल, प्रमोद सिंह, पंकज शुक्ला, गौरव सिंह,गुलाब कौशिक, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक गण सम्मिलित हुए उल्लेखनीय है। उल्लेखनीय है कि राजेश्री महन्त जी महाराज अपनी एकदिवसीय प्रवास के दौरान ग्राम महंत के ठाकुर परिवार में शोक के कार्यक्रम में तथा ग्राम पचेड़ा में मांगलिक कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए।

