कल्प द्वारा जैविक खेती के लिए अनेक सहयोग और प्रयास 

मदन खाण्डेकर

गिधौरी।कल्प समाज सेवी संस्था द्वारा आदिवासी आजीविका को सशक्त करने वनग्राम अर्जुनी म, खोसडा सोनाखान, भिंभोरी पंचायत में ऐसे परिवार जो काफी गरीब हैं तथा जिनकी मुख्य आजीविका खेती पर ही निर्भर है वैसे किसानों को मुख्य रूप से रासायनिक खेती करते है जिससे अत्यधिक खर्च होता है जिससे गरीब परिवार का आमदनी कम और खर्च अधिक होता है जिससे उनकी स्थिति निम्न होती जाती है ऐसे में रासायनिक खेती से जैविक खेती करने के लिए प्रशिक्षण तथा जागरूकता किया जा रहा है। निम्न गरीब परिवारों को संस्था द्वारा मुर्गी के बच्चे , मुर्गी सेड के लिए जाली, दाना भी वितरण किया जा रहा है। साथ ही संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा मुर्गी का फलोंप, तथा टीकाकरण किया जाता है जिससे मौसमी तथा अन्य बीमारियों से मुर्गी के बच्चों को बचाया जा सके जिसमें गोरेलाल, हरिशंकर, नंदकुमार, दीपक, दिगंबर, छोटू, अजय, सतीश, जैसे कुशल कार्यकर्ता है, वही ऑफिस में अभिषेक, कविता, महेन्द्र जैसे कुशल और अनुभवी है जो कार्यकर्ताओं और किसानों को विजित तथा प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित जानकारी का साझा करते हैं। जिसमें कल्प समाज सेवी संस्था के क्षेत्र समन्वयक हरिशंकर डडसेना ने बताया कि किसानों को जो जैविक विधि से खेती करना चाहते हैं। उनको संस्था द्वारा बीच का सहयोग किया गया है,


 


साथ ही उनको पूर्णता जैविक विधि से खाद व दवाई निर्माण के लिए प्रत्येक किसानों को ड्रम निशुल्क दिया गया है। किसानों को घर में ही श्री विधि लाइन विधि से खेती करने, बीच का चयन करना, बीज उपचार, बीज बैंक, बीज का संरक्षण हेतु प्रशिक्षण भी दिया गया है और किसानों को जैविक खाद व दवाई का निर्माण तथा उपयोग की विधि के बारे में भी बताया जा रहा है, साथ ही संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा किसानों को धान लगाने से लेकर कटाई तक नियमित रूप से रोजाना फॉलो किया जाता है। साथ ही साथ मिश्रित खेती के लिए भी किसानों को संस्था द्वारा बीज उड़द मूंग हल्दी कोचई, अरहर आदि बीज सहयोग किया गया है तथा लगाने के लिए प्रोत्साहन किया जा रहा है। साथ ही इस बार संस्था द्वारा देशी धान लगाने के लिए किसानों को विशेष प्रोत्साहन किया गया है और अनेक प्रकार के देशी धान बीज सहयोग किए है किसानों का खर्च में कमी करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे हमारे पर्यावरण, मिट्टी, तथा स्वास्थ को भी सुरक्षा मिलेगा