राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम: सामुहिक दवा खिलाकर पार्षद ने वार्ड में किया शुभारंभ
कसडोल। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सामूहिक औषधि प्रशासन अभियान मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिसमें घर-घर जाकर नागरिकों को फाइलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निःशुल्क दवा खिलाया गया। आपको बता दे कि आगामी 2027 तक फाइलेरिया मुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। मंगलवार को राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत नगर पंचायत कसडोल के वार्ड नं-07, हड़हापारा के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-06 में सामूहिक रूप से बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को दवा का सेवन कराया गया।

इस दौरान वार्ड पार्षद भानु प्रताप साहू ने ग्रामीणों को बताया कि कि फाइलेरिया (हाथीपांव) एक लाइलाज बीमारी है, और इससे बचाव का एकमात्र तरीका समय पर दवा का सेवन है, श्री साहू ने यह भी स्पष्ट किया कि एलबेंडाजोल और डीईसी की यह खुराक पूरी तरह प्रमाणित और सुरक्षित है। इस अभियान में आंगनबाड़ी कर्मी और जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को छोड़कर, सभी योग्य व्यक्तियों को स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में दवा दी जा रही है। साथ ही इस गंभीर बीमारी से बचाव हेतु जानकारी दिया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वृंदा साहू, सहायिका निर्मला साहू, चन्द्रकला साहू सहित वार्डवासी मौजूद रहें।









