कानून व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साेमवार काे सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने पुलिस और प्रशासन को आम जनता के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
सोमवार शाम सचिवालय में मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए कानून व्यवस्था, सुरक्षा, पर्यटन प्रबंधन, नशा मुक्ति, अभियोजन व्यवस्था और जनशिकायत निवारण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव सहित सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
पुलिस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों से लेकर फील्ड स्तर तक पुलिस के वर्क कल्चर में तत्काल सुधार किया जाए। आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और निर्दोष लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई हो। रात्रि गश्त बढ़ाने और निरंतर पेट्रोलिंग के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या में तेज़ वृद्धि होगी। इसे देखते हुए होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त की जाएं। उन्होंने बताया कि कैंची धाम बाईपास जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
लैंड फ्रॉड के मामलों पर मुख्यमंत्री ने सख्त कानून बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि भूमि से जुड़े अपराधों में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही अभियोजन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते हुए अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जनशिकायत निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए 1905 हेल्पलाइन पर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने, मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन करने और योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।









