PAMGARH: समीक्षा बैठक में कलेक्टर का कड़ा निर्देश, मुख्यालय में रहें पटवारी, पेंडेंसी खत्म करें, अतिक्रमण व अवैध खनन पर होगी सख्त कार्रवाई

(पंकज कुर्रे)

जांजगीर-चांपा | कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जनपद पंचायत सभाकक्ष पामगढ़ में राजस्व अनुविभाग पामगढ़ के पटवारियों की समीक्षा बैठक लेकर राजस्व कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में कलेक्टर ने पटवारियों को मुख्यालय में अनिवार्य रूप से निवास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यालय में रहने से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति और लोगों की समस्याओं की जानकारी समय पर मिलती है, जिससे उनका त्वरित समाधान संभव हो पाता है। अनुपस्थित पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि राजस्व से संबंधित शिकायतें प्राप्त न हों, इसके लिए अधिकारी सक्रिय रहकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। नक्शा और खसरा का नियमित मिलान कर रिकॉर्ड को अद्यतन रखने तथा प्रतिदिन पेंडेंसी की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया गया। उन्होंने त्रुटि सुधार के लिए विशेष अभियान चलाने और ग्राम स्तर पर कैंप कोर्ट आयोजित कर मौके पर ही समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। साथ ही अवैध कब्जों को चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई करने तथा अवैध खनन पर कड़ी नजर रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

कलेक्टर महोबे ने जाति प्रमाण पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र निर्धारित समयसीमा में जारी करने के निर्देश दिए। आरबीसी 6-4 के प्रकरणों को संवेदनशील बताते हुए उन्होंने इनकी गंभीरता से जांच कर पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

सुशासन तिहार 2026 पर विशेष फोकस

कलेक्टर ने सुशासन तिहार 2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए, जिसमें नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे भूमि संबंधी मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि 1 मई से 10 जून 2026 तक जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर एवं एसडीएम पामगढ़ आर. के. तम्बोली सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

इन्हें भी पढ़े