रानीगढ़ में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई सावित्री बाई फुले जयंती
(मदन खाण्डेकर)
बिलाईगढ़। सावित्री बाई फुले की 194वीं जयंती के अवसर पर रानीगढ़ में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गांव के बाजार चौक में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग, विशेष रूप से महिलाएं और युवतियां, शामिल हुईं।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सावित्री बाई फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। प्रमुख वक्ताओं उत्तरा निराला, ने सावित्री बाई फुले के योगदान पर प्रकाश डाला और उनके शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार के कार्यों की सराहना की। उन्होंने उपस्थित लोगों को उनके आदर्शों को अपनाने और समानता व शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
इस मौके पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। बच्चों ने सावित्री बाई के जीवन पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया, जिसने सभी को भाव-विभोर कर दिया। साथ ही, महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत गाए, जो दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा, “सावित्री बाई फुले न केवल महिलाओं की शिक्षा की प्रेरणा थीं, बल्कि उन्होंने समाज में समानता और अधिकारों की स्थापना के लिए अमूल्य योगदान दिया। उनकी जयंती हमें उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देती है।”
सावित्री बाई फुले की जयंती पर यह आयोजन समाज के सभी वर्गों के लिए प्रेरणादायक रहा। आयोजन समिति ने इसे सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
रानीगढ़ में यह उत्सव न केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व को याद करने का अवसर बना, बल्कि समानत ,शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्त्तरा निराला, गंगा राम निराला, मलेछराम खूंटे, त्रिलोक हरिप्रिय, सरोज हरिप्रिय, रामकुमार भास्कर,धनेश्वरी भास्कर, शिव बंजारे, कौशिल्या बंजारे,राजकुमार जांगड़े, रूसबाई, रुबीना टण्डन,सरिता टण्डन, रमा महिलांगे, मीना टण्डन, रवीना टण्डन, हेमबाई बंजारे,सीमा टण्डन, श्रद्धा बंजारे, ललिता,रजनी,रम्भा, अनिता बंजारे, ऊर्जस्वि जांगड़े सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।









