अवैध कब्जा पर कार्रवाई करने गए तहसीलदार की टीम को रोकने कब्जा धारी ने किया जहर का सेवन

(करन साहू)

तहसीलदार ने दिखाई मानवता, अस्पताल में कराया भर्ती

 बिलाईगढ़। विकासखंड के ग्राम पंचायत खुरसुला में एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां अवैध कब्जा हटाने गए तहसीलदार की टीम को रोकने के लिए बेजा कब्जा धारी ने जहर का सेवन कर लिया है वही तहसीलदार कमलेश सिदार ने मानवता दिखाते हुए अपनी सरकारी वाहन से कब्जा धारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ में भर्ती कराया है जहां उनका इलाज किया जा रहा है। बेजा कब्जा धारी अग्रेश्वर पिता बिषम्भर ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पटवारी और तहसीलदार ने उनके बेजा कब्जा को न हटाने के लिए₹1 लाख की मांग की थी मैं 50 हजार देने गया लेकिन तहसीलदार ने नही लिया और यह कार्यवाही किया गया है। जिससे प्रताड़ित होकर उनके द्वारा जहर का सेवन किया गया है। वही इस पूरे मामले में तहसीलदार कमलेश सिदार ने कहा कि आवेदक पुनीराम साहू ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन दिया था की ग्राम खुरसूला में शासकीय घास भूमि खसरा नंबर 104/1 रकबा 13.278 हे. भूमि में से टुकड़ा रकबा 0.381 हे. भूमि खसरा नंबर 1223/3 कुल रकबा 7.982 भूमि में से रकबा 0.094 हे. भूमि पर खुरसुला निवासी अग्रेश्वर, नंदकुमार पिता बिषम्भर के द्वारा शासकीय भूमि पर अवैधानिक रूप से बेजा कब्जा किया गया है और मकान बड़ी पत्थर का घेरा लगाकर टयुवेल खनन किया गया है और कच्चा मकान निर्माण किया गया है जिसकी जांच की गई और जांच में बेजा कब्जा करना पाया गया इसके बाद अनावेदक को कब्जा हटाने के लिए कई बार नोटिस दिया गया लेकिन अनावेदक के द्वारा कब्जा नहीं हटाया गया इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बेजा कब्जा हटाने की कार्यवाही की गई है रही बात पैसे लेनदेन की तो पूरे गांव के सामने कार्रवाई की गई है मैं किसी भी प्रकार का पैसे का डिमांड नहीं किया है मुझ पर अगर झूठा आरोप लगाते हैं और आरोप सिद्ध नहीं होता है तब मैं मानहानि का दावा करूंगा।


तहसीलदार कमलेश ने दिखाई मानवता…

अवैध कब्जा हटाने गई टीम को रोकने के लिए बेजा कब्जा धारी ने मौके पर ही जहर का सेवन कर लिया जिसकी जानकारी मिलते ही तहसीलदार कमलेश सिदार ने मानवता दिखाई और अपनी सरकारी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ में भर्ती कराया जिससे क्षेत्र में तहसीलदार के मानवता की चर्चा जोरों पर है । अक्सर अवैध रूप से कब्जा हटाने पर इस प्रकार से व्यवधान उत्पन्न होते रहता है लेकिन यह तहसीलदार की मानवता भी देखने को मिला ।


पहले से बेहतर है मरीज : बीएमओ…

इस पूरे मामले पर खंड चिकित्सा अधिकारी पुष्पेंद्र वैष्णव से जब हमने चर्चा की तब उन्होंने बताया कि खुरसुला से एक पाइजन का केस आया हुआ है जिनका इलाज किया जा रहा है मरीज इलाज कराने में सहयोग नहीं कर रहा है साथ ही जिस जहर का नाम उनके द्वारा बताया गया है इसके लिए उन्हें बिलासपुर रेफर किया जा रहा है लेकिन उनकी हालत सामान्य बनी हुई है।



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