किसानो का एक एक दाना धान खरीदे सरकार – विधायक इन्द्र साव
(रौनक साहू)
भाजपा सरकार, सत्यापन के नाम पर किसानो का अपमान किया – कॉंग्रेस
धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार को जमकर कोसा
भाटापारा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर स्थानीय कांग्रेसजनों द्वारा कांग्रेस भवन में बापू की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके पश्चात बब्बू होटल के सामने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर विधायक इन्द्र साव के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं सांकेतिक चक्का जाम किया गया। यह आंदोलन प्रदेश में धान खरीदी में व्याप्त अनियमितताओं तथा मनरेगा कानून में किए जा रहे संशोधनों के विरोध में आयोजित किया गया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को विधायक इन्द्र साव ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। किसान महीनों की मेहनत के बाद जब अपना धान बेचने खरीदी केंद्रों तक पहुंचता है तो उसे टोकन, सर्वर की समस्या, नई-नई शर्तों एवं समय-सीमा जैसी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार किसानों को बिना धान बेचे ही केंद्रों से लौटना पड़ता है, जिससे वे आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
विधायक साव ने अधिकारियों द्वारा किसानों के घर-खेत जाकर धान के भौतिक सत्यापन किए जाने का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह व्यवस्था अव्यवहारिक होने के साथ-साथ किसानों के स्वाभिमान के खिलाफ है। किसान पहले ही पंजीयन व आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करता है, इसके बावजूद घर जाकर जांच करना किसानों को संदेह की नजर से देखने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह किसानों को धान खरीदी प्रक्रिया से बाहर करने की साजिश है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों पर विधायक इन्द्र साव ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार इसमें बदलाव कर मजदूरों के अधिकारों को कमजोर कर रही है। काम के दिनों में कटौती, भुगतान में देरी और नियमों को जटिल बनाकर मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी।
पूर्व निगम मंडल सदस्य सतीश अग्रवाल ने एग्रीटेक पंजीयन की बाध्यता समाप्त कर किसानों को राहत देने की मांग की। विधायक प्रतिनिधि शैली भाटिया ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते सहकारी समितियां डिफाल्टर बनने की कगार पर पहुंच रही हैं। धान खरीदी के दौरान सूखत की भरपाई का समुचित प्रावधान नहीं होने से समितियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर किसानों और पूरी सहकारी व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी हुई थी, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण आज किसान किसानी छोड़ने और आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।“उक्त मांगों को लेकर कांग्रेसजनों द्वारा महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मनरेगा कानून में प्रस्तावित बदलावों को वापस लेने, धान खरीदी में आ रही अनियमितताओं को दूर करने तथा किसानों के हित में धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की भी मांग की गई।”
सभा को राजकुमार शर्मा, आलोक मिश्रा, अमित शर्मा, अजय ठाकुर, वैभव केसरवानी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिवाकर मिश्रा ने किया धरना-प्रदर्शन में अमर मंडावी, मोहन केसरवानी, सुधेराम वर्मा, घनाराम साहू,शीरिज जांगड़े, आबिद खान, जीतू ठाकुर, मनहरण वर्मा, नानू सोनी, दिनेश तिवारी,नरेंद्र यादव, चंद्र कांत खूंटे,राजेश गुप्ता,नितीन शुक्ला,मुकेश साहू, अय्यूब बांठिया, उमाशंकर गुप्ता,गिरीश पारप्याणी, सुरेन्द्र यदु, प्रशांत गांधी,विवेक यदु,पुनीत मानिकपुरी, संजय शर्मा, मोहन निषाद, विजय महिलांगे,सत्यजीत शेंडे, मनमोहन कुर्रे,राजा तिवारी, नियाजी खान,नवीन बक्श, संजय महिलांगे, विक्की ठाकुर, ओमप्रकाश यदु, रशीद चौहान, कुमारी जांगड़े, बिमलेश्वरी ध्रुव,लुकेश यदु, राजेन्द्र शर्मा,हलधर शर्मा,राजदीपक पांडे, चेतन मानिकपुरी, शेष नारायण यदु,रामावतार साहू, राजेश जगवानी, संजय टंडन, महेंद्र साहू,चैतराम कोशल, शशांक बंजारे,सचिन्द्र शर्मा, रामरतन दांडेकर,ज्योति, अनिल दांडेकर, धनंजय कुर्रे,गिरीराज चावड़ा,सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान एवं मजदूर उपस्थित रहे।









