तीन दिवसीय बालवाड़ी प्रशिक्षण कसडोल मे संपन्न, नई शिक्षा नीति पर हुआ ट्रेनिंग
(रौनक साहू)
कसडोल। नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अलग अलग उम्र के बच्चो के लिए नई शिक्षा प्रणाली का विकास किया गया। जिसमे 5+3+3+4 शामिल है। जिसमे 3 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए चार स्तरीय ( फाउंडेशनल स्टेज, प्रिपरेटरी स्टेज, मिडिल स्टेज, सेकेंडरी स्टेज ) यह 10+2 प्रणाली को बदलता है। जो खेल आधारित सीखने रचनात्मक सोच और पांच साल के शुरुआती फाउंडेशनल स्टेज (03 से 08 वर्ष )आँगबाड़ी 1,आँगनबाड़ी 2,बाल वाडी कक्षा 1,कक्षा 2 जो खेल आधारित शिक्षा पर जोर देती है। प्रिपरेटरी स्टेज (08 से 11 वर्ष ) इसमें प्रायोगिक और गतिविधि आधारित शिक्षा होती है।मिडिल स्टेज (11 से 14 वर्ष ) इसमें विषयो का परिचय और विषय आधारित पाठ्यक्रम की समझ होती है।सेकेंडरी स्टेज (14 से 18 वर्ष ) इसमें गहन अध्ययन,आलोचनात्मक सोच और विषयो के चयन मे लचीलापन(कला,विज्ञान, वाणिज्य का कोई अलग सख्त अलगाव नही )शामिल है। नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य -रचनात्मक,आलोचनात्मक सोच और बहु विषयक शिक्षा को बढ़ावा देना।
मूल्यांकन – कक्षा 3,5,और 8 मे परीक्षा, और 10वीं 12वीं की बोर्ड परीक्षा जारी लेकिन नई समझ आधारित प्रणाली के साथ। कौशल विकास – व्यावसायिक शिक्षा और कोडिंग पर जोर दिया गया है। NCF-FS 2022 फाउंडेशन स्टेज बुनियादी शिक्षा जो बालवाड़ी पर विशेष बल देता है, इसी तारताम्य मे कसडोल विकास खंड मे राज्य शैक्षणिक अनुसंधान केंद्र रायपुर के दिशा निर्देशानुसार डाइट रायपुर और जिला परियोजना कार्यालय के सफल मार्गदर्शन मे बाल वाड़ी मे पढ़ाने वाले शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण विकास खंड स्त्रोत केंद्र कसडोल के कन्या शाला मे आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का प्रथम दिवस माँ शारदे के पूजन अर्चन बी आर सी सी. नीलमणि साहू के द्वारा सम्पन्न हुआ।
जिसमे उन्होंने कहा कि बच्चों का प्रारंभिक स्तर मजबूत होगा तो निश्चित है कि स्कूलों मे पढ़ने लिखने वाले बच्चे सक्षम होंगे। विकास खंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप मे योगेश्वर कुमार साहू, स्नेहा मिश्रा, दीप्ती साहू, माधुरी चेलक ने अपनी सहभागिता दी। बलौदाबाजार जिले मे कुल 241 और विकास खंड कसडोल मे कुल 95 बाल वाड़ी केंद्र संचालित है। जहाँ बच्चे अपनी पढ़ाई करते है, प्रशिक्षण का आरम्भ नई शिक्षा नीति का विजन इसके उद्देश्य ढांचा गत बदलाव से हुआ। जिसमे मुख्य रूप से प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा ( ECCE ) के मुख्य बिन्दुओ परविस्तार से चर्चा हुआ। जिसमे सभी प्रतिभागियों को गतिविधि आधारित शिक्षा,रचनात्मक कार्य, प्रोजेक्ट कार्य, बाल केंद्रित शिक्षा को आधार बनाया गया। इसमे मुख्य रूप से खेल आधारित शिक्षा के अलग अलग आयाम मुक्त खेल, मार्गदर्शत खेल, एवं निर्देशित खेल थीम आधारित शिक्षण जैसे पेड़ पौधे, मेरा शरीर, बादल, पानी, आदि। सिखाने सीखने के सन्दर्भ मे शिक्षकों की भूमिका, निपुण भारत का लक्ष्य, बच्चे की अवधारणा, बच्चों मे विविधता कि सभी बच्चों की सीखने की जरूरते व स्तर अलग अलग होती है। बच्चों मे मुख्य रूप से तीन प्रकार की शैलियाँ होती है श्रवण, दृष्टि, काइनेस्थेटिक।बच्चों के समग्र विकास मे शारीरिक विकास के अंतर्गत भाषा और साक्षरता विकास, संज्ञानात्मक विकास, सौंदर्य बोध एवं संस्कृतिक विकास, सामाजिक भावनात्मक और नैतिक विकास आते है। इस तरह पहले दिन का सत्र समाप्त हुआ। दूसरे दिन स्कूल रेडिनेस का परिचय एवं पालको की सहभागिता, जिसमे स्कूल रेडिनेस क्या है और स्कूल रेडिनेस की आवश्यकता क्यों है।
इस पर विस्तार से चर्चा परिचर्चा हुआ। स्कूल रेडिनेस के तीन आधार बताये गए बच्चे, परिवार और विद्यालय। बच्चे सीखते कैसे है खेल से, वातावरण से, एक दूसरे के परस्पर संवाद से। इसके बाद सभी प्रतिभागियों को ग्रुप मे अलग अलग बाँट कर थीम दिया गया जिस पर सभी ने अपना कार्य किया। भोजन के पश्चात् सर्कल टाइम के बारे मे चर्चा किया गया कि सर्कल टाइम क्या है। जब हम बाल वाड़ी बच्चों के साथ काम कर रहे होते है तब हमें यू आकर वाली डिजाइन मे बैठ कर पढ़ाना चाहिए। ताकि हमारी पहुंच बच्चे तक बेहतर हो। इसके बाद इसके वार्षिक कार्ययोजना के बारे मे विस्तार से बताया गया इस तरह द्वितीय दिवस का समापन हो गया। तृतीय दिवस भाषा साक्षरता और गणित की मूलभूत सक्रियाओ (FLN) पर बिंदुवार चर्चा परिचर्चा हुआ। इसके बाद संज्ञानात्मक विकास के अंतर्गत संवेगी विकास, मानसिक विकास, अवधारणा गठन, संख्यात्मक विकास पर चर्चा। भोजनवकाश के बाद सपोर्टिंव सुपर विजन के कार्य और उसके उत्तरदायित्व के बारे मे विस्तार से चर्चा हुआ। इसके बाद आँगनबाड़ी और बालवाड़ी का आकलन कब और कैसे करें और किन चीजों का ध्यान रखेंगे। औपचारिक आकलन अनौपचारिक आकलन। इस तरह अंतिम दिवस की अंतिम बेला मे विकास खंड शिक्षा अधिकारी अरविन्द ध्रुव, सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी रमाकांत देवांगन, बी आर सी कार्यालय से रामदयाल पटेल कंप्यूटर आपरेटर खगेंद्र जायसवाल उपस्थित हुए सभी ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण कार्य करने निर्देशित किया। और सभी को शुभकामनायें दी इस तरह से बाल वाड़ी का तीन दिवसीय विकास खंड स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ।









