बच्चों को सिखाने बालवाडी शिक्षकों एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण सम्पन्न

हेमंत बघेल

कसडोल। कार्यालय विकासखण्ड स्त्रोत केन्द्र समग्र शिक्षा कसडोल द्वारा विकासखण्ड स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण 20/05/2024 से 22/05/2024 तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावशाली कियान्वयन के परिपेक्ष्य में बालवाडी शिक्षकों एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

बच्चों को सिखाने बालवाडी शिक्षकों एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण सम्पन्न
बच्चों को सिखाने बालवाडी शिक्षकों एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण सम्पन्न

उक्त प्रशिक्षण में विकास खण्ड के कुल 88 बालवाडी केन्द्रो से एक शिक्षक एवं एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रशिक्षण में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की पूजा अर्चना आर.के. देवांगन विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कसडोल एवं अरविन्द कुमार ध्रुव (सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कसडोल) प्रभारी विकास खण्ड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक कसडोल के द्वारा किया गया।

बालवाडी शिक्षकों एवं आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का हो रहे प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर्स स्नेहा मिश्रा सहा. शिक्षक, सुरेखा साहू सह. शिक्षक, राजेश्वरी सिंह पर्यवेक्षक आई.सी.डी.एस. के सानिध्य में हुए इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई एवं स्कूल के प्रति रोचकता पैदा करने के साथ-साथ साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्य को पूरा करना मास्टर ट्रेनर्स एवं प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों में रोचकता पैदा करने के लिये भालू,शेर,बंदर बनकर जानवररों के बारे में बताया तो कभी पेड़ पौधा बन कर पेड़ की विशेषता बताया तो कभी खेल कुद करके खेल के महत्व को समझाया एवं कहानी, नुक्क्ड,तथा नाटकीय अभिनय करके बच्चों के याददास्त क्षमता को बढ़ाने का टीप दिया गया यह प्रशिक्षण बच्चों को स्कुल के प्रति आकर्षण बनाने के लिए मददगार होगा यह प्रशिक्षण प्राथमिक शिक्षा का सुदृढ आधार गुणवत्तायुक्त पूर्व प्राथमिक शिक्षा है। इसके अंतर्गत 03 से 08 वर्ष के बच्चो की पूर्व प्राथमिक शिक्षा से प्राथमिक शिक्षा में पारगमन के लिये सुदृढ आधार है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में 03 से 08 वर्ष के इन पाँच वर्षों को आधारभूत चरण कहा गया है। इसके अनुसार 05 से 06 वर्ष के बच्चों के लिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के ऐसे सार्वभौमिक प्रावधान उपलब्ध कराये जाने चाहिय, जिससे कि पहली कक्षा में प्रवेश पाने के लिय पूरी तरह तैयार हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में यह परिकल्पना की गई कि 05 वर्ष की आयु से पहले हर एक बच्चा एक प्रारंभमिक कक्षा या बालवाटिका में स्थानांतरित हो जायेगा।

संज्ञानात्मक, भावनात्मक, शारीरिक क्षमताओं प्रारम्भिक साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित करने पर ध्यान किया गया है। बाल वाटिका का उद्देश्य पूर्व प्राथमिक शिक्षा से वंचित तथा पूर्व प्राथमिक शिक्षा प्राप्त बच्चों के बीच अन्तर को मिटाना है और उन्हें कक्षा 01 में प्रवेश लेने के लिये सक्षम बनाना है, ताकि वे कक्षा 01 में अपेक्षित दक्षाताओं को पूर्ण कर सकें साथ बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के अन्तर्गत पठन कौशल, मौखिक भाषा, डिकोडिंन्ग सीख सकें।

बालवाटिका खेल आधारित, गतिविधि आधारित, प्रोजेक्ट वर्क, पुछताछ आधारित तथा आरंभिक साक्षरता (इमर्जेंट लिटरेसी) का समन्वय है। विकास खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न कराने में आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राचार्य संतोष कुमार साहू, चन्द्रशेखर तिवारी, संकुल केन्द्र समन्वयक, फिरतु राम साहू संकुल केन्द्र समन्वयक, खिलावन पैकरा संकुल केन्द्र समन्वयक, श्रीमती सविता पी. चाम्भारे, बी.आर.पी सी.डब्लु एस.एन, रामदयाल पटेल लेखापाल, खगेन्द्र जायसवाल कम्प्युटर आपरेटर, ईश्वरी चौहान पूर्व मास्टर ट्रेनर्स तथा गोरेलाल साहू का विशेष योगदान रहा।