जांजगीर-चांपा के शराब दुकानों से हर माह लाखों की अवैध वसूली पर आखिर प्रशासन खामोश क्यों, प्लेसमेंट कंपनी प्राइम वन पर खुद उनके ही कर्मचारियों ने लगाया आरोप- हर महीने दो 5 से 10 हजार

­(पंकज कुर्रे)

जांजगीर चांपा । जांजगीर-चांपा के देसी और विदेशी शराब दुकानों से हर माह लाखों की अवैध वसूली का गोरखधंधा चल रहा है। इस काम को कोई और नहीं बल्कि शराब दुकानों का संचालन करने वाली प्लेसमेंट कंपनी प्राइम वन के स्थानीय अधिकारियों के द्वारा ही अंजाम दिया जा रहा है। हर शराब दुकान से महीने का बकायदा रेट फिक्स है और पैसा शराब दुकान के कर्मचारियों से वसूला जाता है। इसका खुलासा कोई और नहीं बल्कि खुद शराब दुकान के कर्मचारियों के द्वारा किया जा रहा है। इतना ही नहीं सबूत के तौर पर हर महीने प्लेसमेंट एजेंसी के अधिकारियों को भेजी गई रकम का बकायदा फोन-पे का स्क्रीनशॉट और पैसा लेन-देन का ऑडियो-वीडियो तक सामने लाया है।

शराब दुकान के कर्मचारियों ने बकायदा प्रशासन से लिखित शिकायत कर बताया है कि उनसे हर माह 5 से 10 हजार रुपए मांगा जाता है और नहीं देने पर तरह-तरह से परेशान किया जाता है। या तो नौकरी से दूसरे जगह ट्रांसफर करवा देने या फिर नौकरी से ही निकलवा देने धमकाया जाता है। डर में कर्मचारी पैसे देते हैं। मना करने पर गबन के मामले में फंसवा तक दिया जाता है। इतना कुछ सबूत देने के बाद भी कार्रवाई के नाम पर मात्र प्लेसमेंट एजेंसी के सहायक जिला समन्वयक चंद्रिका चंद्रा को हटाकर खानापूर्ति कर दी गई है। जबकि शराब दुकान के कर्मचारियों ने चंद्रिका चंद्रा के अलावा जिला समन्वयक कमलेश साहू, गौरव शुक्ला के नाम भी उजागर किया है। जिसके ईशारे में ही सारा अवैध उगाही का कारोबार चल रहा है। जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

खबर शतक न्यूज को उपलब्ध कराया है काला चिट्ठी……..

अवैध उगाही का यह खेल कोई चंद पैसों का नहीं है बल्कि लाखों रुपए का है। खबर शतक को खुद शराब दुकान के कर्मचारियों ने सारा काला चिट्ठा उपलब्ध है। जिसे साफ पता चल रहा है कि उगाही का यह पूरा खेल हर माह 10 लाख 32 हजार रुपए का है जो जांजगीर-चांपा जिले के शराब दुकानों से वसूला जाता है। बकायदा किस दुकान से कितना पैसा लिया जा रहा है, इसका पूरा हिसाब-किताब इस कागज में मौजूद है। अवैध उगाही के इस खेल में महीने में एक बार नहीं बल्कि पूरे तीन बार पैसा लिया जाता है। 10 तारीख, 20 तारीख और फिर 30 तारीख। लेन-देन के इस दस्तावेज के साथ फोन पे पर शराब दुकान कर्मचारियों से लिए गए कई महीनों का स्क्रीन शॉट भी मौजूद हैं और लेन-देन का पूरा ऑडियो-वीडियो भी।

मीडिया को कर दिया गया गुमराह

इस खेल के पीछे पूरा मास्टरमांइट गौरव शुक्ला नाम के व्यक्ति को बताया जा रहा है। इस नाम को छिपाने मीडिया तक को गुमराह किया गया है। शराब दुकान के कर्मचारियों के द्वारा 11 दिसंबर 2025 को जब अवैध उगाही की शिकायत कलेक्टर से की थी तब मामले में प्लेसमेंट एजेंसी जांजगीर-चांपा के जिला समन्वयक कमलेश साहू के द्वारा मीडिया को बयान दिया गया था कि गौरव शुक्ला नाम का कोई व्यक्ति प्लेसमेंट एजेंंसी में नहीं है, जबकि खबर दस्तक के हाथ लगे दस्तावेज से स्पष्ट है कि गौरव शुक्ला नाम का एक व्यक्ति प्लेसमेंस एजेंसी का बकायदा जोनल मैनेजर है और 01.12.2025 को उसे अपाइटमेंट किया गया है। हालांकि यह नियुक्ति भी केवल आंखों में धूल झोंकने के लिए बैकडेट में की गई है। जबकि सारा कामकाज सालों से उसके ही इशारे में होता आ रहा है।

जिला समन्वयक ने नहीं उठाया फोन

इस संबंध में जानकारी लेने के लिए लगातार दो दिनों तक कई बार जिला समन्वयक प्राइम वन जांजगीर चांपा कमलेश साहू को फोन किया गया, लेकिन एक बार भी फोन नहीं उठाया गया न ही काल बेक लिया गया।

:- समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें 7240976439 / ब्यूरो चीफ़ – पंकज कुर्रे, जिला-जांजगीर चांपा (छ.ग.)