क्या महाराष्ट्र छोड़ दिल्ली की राजनीति में आएंगे सीएम देवेंद्र फडणवीस?अटकलें तेज
नई दिल्ली। देश की सियासी गलियारों में इन दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल और भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन को लेकर हलचलें तेज हैं। इसी सियासी सरगर्मी के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बेहद अहम मुलाकात की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में यह अटकलें तेजी से तैरने लगीं कि क्या फडणवीस महाराष्ट्र की गद्दी छोड़कर केंद्र सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाले हैं। हालांकि, इन तमाम चर्चाओं और कयासों पर खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद बेबाक अंदाज में विराम लगाते हुए अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने राष्ट्रीय राजनीति में जाने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। अपने चिर-परिचित अंदाज में चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि चाहे वे दिल्ली में रहें या मुंबई में, कुछ लोग हमेशा अटकलें लगाने में व्यस्त रहते हैं। फडणवीस ने कहा कि ऐसा लगता है कि कई लोगों के पास करने के लिए कोई काम नहीं है, इसलिए उन्हें मेरे नाम पर चर्चा करने में आनंद आता है, लिहाजा उन्हें मजे लेने देने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में दोहराया कि कई लोगों को भले ही लगता हो कि मुझे दिल्ली जाना चाहिए, लेकिन मैं सभी से यही कहना चाहता हूं कि मैं मुंबई में ही हूं और महाराष्ट्र की जनता व प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाता रहूंगा।
अपने दिल्ली दौरे के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह यात्रा पूरी तरह से महाराष्ट्र के विकास कार्यों और रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने के लिए थी। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान राज्य की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं, औद्योगिक विकास की संभावनाओं और केंद्र स्तर पर लंबित आवश्यक मंजूरियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित नई राष्ट्रीय टीम के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि वे अभी बैठक से बाहर निकले हैं और पूरी सूची नहीं देख पाए हैं, लेकिन यदि उसमें महाराष्ट्र के नेताओं को स्थान मिला है तो यह राज्य के लिए बेहद खुशी की बात है
दरअसल, संसद के मॉनसून सत्र के समाप्त होते ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं चरम पर हैं। हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान, रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन के इस्तीफों के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कई अहम पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा नितिन नवीन की नई टीम में कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपे जाने और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले द्वारा शरद पवार गुट के सरकार में शामिल होने के संकेतों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। सबसे पहले शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया था कि फडणवीस को केंद्र में लाया जा सकता है, लेकिन फडणवीस के ताजा बयान ने अब इन तमाम सियासी कयासों पर पूरी तरह से पूर्णविराम लगा दिया है।








