तुरतुरिया माता दर्शन करने पहुंचे 250 श्रद्धालु बालमदेही नदी में फंसे, कसडोल पुलिस बनी देवदूत, सभी को सुरक्षित बाहर निकाला
(निलेश शर्मा)
कसडोल। वनांचल सहित प्रदेश के कई क्षेत्र में बीते 48 घंटों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। बारिश से छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच कसडोल थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल तुरतुरिया (लव-कुश की जन्मस्थली) में बालमदेही नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से करीब 250 से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक बाढ़ के बीच फंस गए। इधर सूचना पर पहुंची कसडोल पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से नदी में फंसे सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।

“वैकल्पिक मार्ग से श्रद्धालु निकले”
इधर बालम देही नदी के फंसे श्रद्धालुओं को सूचना मिलते ही कसडोल थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। नदी का रास्ता बंद होने पर पुलिस ने जंगल के वैकल्पिक मार्ग से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। दिन के 12 बजे से चला रेस्क्यू अभियान रात 7 बजे तक चलता रहा। करीब 6 से 7 किलोमीटर पैदल दुर्गम जंगल के रास्ते से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
कसडोल पुलिस टीम पूरे समय श्रद्धालुओं के साथ रही। साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। रेस्क्यू अभियान के सफल समापन के बाद सभी श्रद्धालुओं को सकुशल उनके घरों के लिए रवाना किया गया।

“नदी नाले उफान पर”
अंचल में लगातार हो रही बारिश के चलते क्षेत्र के अधिकांश नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें और धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी पूरी सावधानी बरतें। साथ ही लगातार हो रही रिमझिम बारिश के कारण महानदी, जोंक नदी, शिवनाथ नदी सहित अन्य नदी नाले उफान पर है, हालांकि प्रशासन की टीम लगातार दुर्गम और पानी वाले जगहों पर नजर बनाए हुए है।





