शिक्षक दिवस विशेष: समस्त शैक्षिक संगठन ने सेवानिवृत्त शिक्षकों का किया सम्मान, मुख्यातिथि बीईओ रमाकान्त देवांगन रहें मौजूद

(मानस साहू)

कसडोल। विकासखंड स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन नगर भवन कसडोल में विकासखंड के समस्त शैक्षिक संगठन ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में किया गया। आपको बता दे कि इस दौरान छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ , छत्तीसगढ़ विद्यालयीन कर्मचारी संघ, शिक्षक प्रधान पाठक कल्याण संघ छत्तीसगढ़, प्रदेश शिक्षक सेवी कल्याण संघ, संयुक्त शिक्षक संघ और सहायक शिक्षक समग्र शिक्षा फेडरेशन कसडोल के समस्त पदाधिकारी एवं शिक्षकों की उपस्थिति रही। समारोह के मुख्य अतिथि विकासखंड शिक्षा अधिकारी रमाकांत देवांगन, अध्यक्षता अरविंद कुमार ध्रुव बीआरसीसी कसडोल एवं पूज्य अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य भगवती चरण भतपरे बोरसी , व्याख्याता शंकरलाल जायसवाल खर्री, प्रधान दूजराम चेलक खर्री, बद्री प्रसाद साहू बगार,रथराम घृतलहरे मड़वा, नारायण लाल जायसवाल चिचपोल, सोनाराम कोयल नवीन छरछेद के द्वारा मां सरस्वती एवं डां सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर पूजन करके शिक्षक दिवस का शुभारंभ किया गया । घनश्याम प्रसाद साहू प्रधान पाठक देवरीखुर्द ने सस्वर मधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत किए। अतिथियों का आत्मिय स्वागत सभी संगठन को पदाधिकारी एवं शिक्षकों ने किया। महिला समूह से श्रीमती सुनीता चेलक एवं सुश्री रश्मी लकड़ा ने अतिथि द्वय का स्वागत किए।गुरूजन के सम्मान में जगन्नाथ प्रसाद देवांगन प्रधान पाठक खैरा ने शास्त्रीय गायन में गुरू वंदना से समारोह में शमा बांध दिए। मंचीय संबोधन में मोतीदास मानिकपुर , सुशील कुमार साहू , विनोद कुमार चेलक, छोटेलाल यादव , मंथीर यादव ने भारत रत्न डा सर्वपल्ली राधाकृष्णन कृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों के प्रति उनके सम्मान का नमन किया गया । शिक्षकों के जीवन को मानव समाज के चरित्र निर्माण ,आदर्श समाज , शैक्षिक विकास , मर्यादित समाज ,समय का अनुपालन , छात्रों का नैतिक व सामाजिक विकास पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सेवानिवृत्त शिक्षकों के शैक्षिक सेवाकाल की सीख को रेखांकित किए। वरिष्ठ का अनुभव कनिष्ठ का मार्गदर्शक होता है । सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान मुख्य अतिथि बीईओ देवांगन जी , अध्यक्ष ध्रुव जी एवं संगठन के पदाधिकारियों ने शाल, डायरी,पेन ,और श्रीफल भेंटकर किया गया । मुख्य अतिथि रमाकांत देवांगन ने शिक्षक सम्मान समारोह आयोजन के लिए शैक्षिक संगठन का धन्यवाद किया कि भारत के द्वितीय राष्ट्रपति के जन्मदिन की गुरू परंपरा को बनाये रखें। वर्तमान समय के बदलते शिक्षा नीति एवं नये नये गतिविधियों से बच्चों को जीवन को बेहतर बनाने में शिक्षकों की समर्पित सेवा का आह्वान किए। सेवा निवृत्त शिक्षकों की सेवा आभार करते हुए भविष्य में सामाजिक चेतना लाने में अपने जीवन को लगाने की बात कही । अध्यक्षीय उद्बोधन में ध्रुव जी ने समाज में गुरू की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सम्मानित हो रहे गुरूजन के जीवन को याद कर प्रेरित किया। सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने जीवन के प्रासंगिक घटनाओं , अपने कर्तव्यों , समय बद्धता , बच्चों से पारिवारिक लगाव , चारित्रिक सृजन, वर्तमान शैक्षिक योजना , कार्यालयीन कौशल ,के रोचक प्रसंग का उल्लेख कर शिक्षकों को सीख दिए। समारोह की संपूर्ण व्यवस्था में राजेंद्र पैकरा,शांति साहू ,सुनिल चेलक ,लखेश्वर साहू , योगेन्द्र श्रीवास का सराहनीय कार्य रहा।

 कार्यक्रम का संचालन चितेश्वर प्रसाद वर्मा ने किया। समारोह का आभार प्रदर्शन अपने विचार रखते हुए मुरीत श्रीवास ने किया।शिक्षक सम्मान समारोह में संगठन अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद साहू , लोचन प्रसाद साहू , विनोद कुमार चेलक, संतराम साहू , अजय कुमार वर्मा,मुद्रित श्रीवास पदाधिकारी शिवनारायण साहू , मुरारी देवांगन , योगेन्द्र श्रीवास, भुवनेश्वर चंद्र ,मनोज कुमार जाटवर ,मंथीर घृतलहरे,संपत साहू , शिव कुमार साहू, सुनील चेलक, तुलसी जायसवाल, दिनेश कुमार में श्रीवास, राजेश कश्यप एवं विभिन्न संगठन के जिला पदाधिकारी चंद्रशेखर तिवारी सचिव, संजय कुमार यादव जिलाध्यक्ष तथा चंदराम साहू , रामविलास कैवर्त्य, भुवनेश्वर राव, नारायण वैष्णव, अरूण कुमार साहू, कमल नारायण जायसवाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।