प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा 5 दिवसीय चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन, क्षेत्रीय विधायक संदीप साहू ने दर्शन कर संस्था का किया सराहना
(भानु प्रताप साहू)
कसडोल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय कसडोल में पांच दिवसीय चैतन्य देवियों की झांकी सजाया गया है, जो 7 अक्टूबर से 12 अक्टूबर यानी कल तक चलेगी। उल्लेखनीय है कि चौथे दिवस क्षेत्रीय कसडोल विधायक संदीप साहू (MLA Sandeep Sahu) कार्यक्रम में शिरकत किया और इस दौरान दीप प्रज्ज्वलित करके प्रजापिता ब्रम्हकुमारी (Prajapita Brahmakumari) द्वारा झांकी कार्यक्रम की सराहना किया। विधायक श्री साहू ने आगे कहां कि आज 5 मिंट स्थिर रहना बड़ा कठिन काम है, ऐसे दौर में राजयोग मेडिटेशन करके यहाँ 5 बहन देवियों के रूप में मौजूद है, जो निश्चितौर पर एक अनोखा और सहनशीलता वाला काम है, क्षेत्रीय विधायक संदीप साहू ने आगे कहा कि प्रजापिता ब्रम्हकुमारी संस्था द्वारा हमेशा अच्छा कुछ अनोखा कार्य किया जाता है, मैं हमेशा जब भी इनका कार्यक्रम होता है तो पहुंचता हूँ और हमेशा मानव सेवा का एक काम जन सेवा का काम इनके संस्था के माध्यम से होता है लोगो को एक सही रास्ता कैसे अपना जीवन जीना है और कैसे आगे बढ़ना है।
उसके बारे में इन संस्था के द्वारा उसके जो पर्सनाल्टी डेवलपमेंट का काम और उन लोगो को एक सही दिशा दिखाना जीवन का सही दिशा दिखाना किस ओर चलना है कैसे आप आगे अच्छा काम करते हुए लोगों की सेवा करते हुए कैसे आगे बढ़ सकते हैं।
इनके संस्था द्वारा तो जब भी मुझे दीदी इस संस्था में बुलाती है अच्छा लगता है और हमेशा पहुंचने का कोशिश करता हूँ साक्षात मैं पहली बार देखा कि खुद से माता स्वरूप में हमारी दीदी जो सभी बैठी हुई है एक कठिन काम है।
की इस स्वरूप में 10 मिनट भी बैठना मुश्किल लेकिन इस अवसर में ये काफी घंटो से 6 से लेकर 10 बजे तक इस माता स्वरूप में बैठी है और सच मे माता की प्रतीक हैं, इसके अलावा संस्था की संचालिका बी के सीता ने कहा राजयोग मेडिटेशन से मनुष्य की आत्मा परमात्मा से कनेक्ट होता है, निराकार परमात्मा मनुष्य को शक्ति प्रदान करता है, संचालिका ने आगे कहा कि नवरात्रि में चैतन्य देवीओ का झांकी के माध्यम से यह दिखाया है कि जो कन्याएं राजयोग मेडिटेशन करके अंदर की एकग्रता की शक्ति कितनी आती हैं और जो देवी देवताओं शक्तियां है।
उसको अपनी जीवन में कैसे धारण करें तो ये कन्याए छोटी छोटी बच्चियां 6 बजे से 10 बजे तक बैठकर इतने देर से एकाग्र होकर बैठ रही राजयोग मेडीटेशन से ही कर पा रही है, हमारी संस्था बिस विंग की सेवा करती हैं आज समाज सेवा की कमी के अलावा मनुष्य आत्माओ में गुणो और शक्तिओ की कमी है जिसके कारण देश में कई प्रकार की घटनायें हो रही हैं और इस झांकी को देखकर अगर लोगो को ये प्ररेणा मिले कि हम भी उन देवी देवताओं गुणो को अपनी जीवन में धारण कर ले तो फिर से हमारा भारत वही सतयुगी स्वर्णिनम युग कहलायेगा। आपको बता दे कि प्रजापिता ब्रम्हकुमारी में चैतन्य देवियों की झांकी बनाया गया है, जिसमें मां दुर्गा, मां काली, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, मां उमा और ब्रह्माकुमारी की झांकी बनाया गया है। इस दौरान वर्षा शर्मा, लक्ष्मी साहू, चन्द्रप्रकाश साहू, वरिष्ठ पत्रकार भानु प्रताप साहू, संस्था की संचालिका बी के सीता, बी के दुर्गेश्वरी, बीरसिग, रूपसिग, खिलावन केवट, आत्माराम, रविसेन, अरूण कुमार, साथ ही झांकी में बनी देवियों में कली माता गामिनी, सरस्वती शवेता, दुर्गा दिक्क्षा, लक्ष्मी लीलेशवरी, उमा दिव्यज्योती, ब्रह्माकुमारी रूहानी को बनाया गया था।










