ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पत्थलगांव ने धान खरीदी केंद्र में अव्यवस्थाओं का आरोप लगा किया धरना प्रदर्शन

(बब्लू तिवारी)

पत्थलगाँव। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर जशपुर जिला के सभी धान खरीदी केंद्रों पर जिला कांग्रेस कमेटी ने धान खरीदी में अव्यवस्थाओं का आरोप लगाकर आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। बता दे कि राज्य में 14 नवंबर से किसानों धान खरीदी की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने धान केन्द्रों में भारी अव्यवस्थाओं का आरोप लगाकर छतीसगढ़ के प्रदेश के सबसे वरिष्ठ कांग्रेस के पूर्व विधायक रामपुकार सिंह धान खरीदी केन्द्रों में पहुंच कर निरीक्षण किया. एवं प्रबंधकों को कहा कि किसानों के धान को सही वजन के साथ खरीदी की करें, प्रदेश के सबसे सीनियर पूर्व विधायक रामपुकार सिंह ने आरोप है कि 14 नवंबर से पूरे प्रदेश में धान खरीदी शुरू है, लेकिन धान खरीदी केन्द्रों में फैली अव्यवस्था तथा सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। कांग्रेस ने धान खरीदी केन्द्रो चलो अभियान चलाया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण, पदाधिकारी धान खरीदी केन्द्री पर गये, जहां उन्होंने किसानों की परेशानियो को देखा धान खरीदी केन्द्रो पर किसान कई परेशानियों से जूझ रहे है।

कहीं बारदाने की कमी है, तो जिससे किसानों को धान बेचने में परेशान होना पड़ रहा। सरकार के मुताबिक 50 प्रतिशत नये, 50 प्रतिशत पुराने बारदानों का उपयोग किया जाये। 50 प्रतिशत पुराने बारदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं है, जिसके कारण धान खरीदी बाधित हो रही है। पुराने वारदाने फटे हुये है जिसमें धान भरा ही नहीं जा सकता, किसानों से कहा जा रहा 50 प्रतिशत बारदानो की व्यवस्था स्वंय करो उसका भुगतान किया जायेगा, लेकिन किसानो के बारदाने का पैसा भी नहीं मिल रहा। टोकन की व्यवस्था अव्यवहारिक है, जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा, नंबर ही नहीं आ रहा। टोकन कटने की तारीख से 7 से 10 दिन बाद धान बेचने के लिये किसानों को बुलाया जा रहा है। 15 दिन बाद तक का भी टोकन नहीं मिल रहा। इलेक्ट्रॉनिक कांटा में जो तौलाई हो रहा है उसमें 1.5 किलोग्राम से 2.5 किलोग्राम अधिक तौला जा रहा है। सोसायटियों में धान का उठाव नहीं होने के कारण जगह की कमी है। धान के बोरे जाम है।

जगह का अभाव हो गया है।अनावरी रिपोर्ट कम बनाई गयी है तथा खरीदी भी 21 क्विटल के हिसाब से नहीं हो रही है। किसानों से पूरा धान नहीं खरीदा जा रहा है। अनावरी रिपोर्ट गलत बनाया जा रहा जिसके आधार पर मात्र 9 से 12-14 क्विंटल धान खरीदा जा रहा। किसानो से पूरा 21 क्विंटल धान नहीं खरीदा जा रहा है. इस दौरान सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर आरोप लगाकर किसानों के लिए हित में किए गए वादों को निभाने की बात कही है






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