45 दिन के बाद भी ,गिधौरी -शिवरीनारायण मार्ग की जर्जर सडक निर्माण के लिए कोई ध्यान नही

गिधौरी में फिर होगा महाचक्काजा की चेतावनी

मदन खाण्डेकर

गिधौरी। बीते दिनों गिधौरी शिवरीनारायण मार्ग की बदहाली जर्जर सड़क पर लोगों का फुटा ग़ुस्सा और कांग्रेस ने राज्य सरकार एवं लोक निर्माण विभाग की रवैए के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया था विगत 9 जनवरी दिन शुक्रवार को तुलेश्वर वर्मा के नेतृत्व में एवं स्थानीय व्यापारियों और युवाओं ने गिधौरी शिवरीनारायण मार्ग की जर्जर सड़क एवं जानलेवा गड्डो से राहगीर एवं यात्री , स्कूल के बच्चे आदि किचड़ मय सड़क और बड़े बड़े जानलेवा गड्डे से बहुत ही परेशान थे और गिधौरी में बस स्टैंड में ऐतिहासिक चक्का जाम किया गया था।और शिवरीनारायण मेला में शबरी सेतु पुल पर धुल के परत जम गया था और धुल के गुब्बारे से राहगीरों को बहुत ही परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है और नही पुल की सांप सफाई किया गया था तथा गिधौरी शिवरीनारायण मार्ग की जर्जर सड़क पर मरम्मत नहीं किया गया था विभाग और ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आया है।तथा गिधौरी से शिवरीनारायण मार्ग की जर्जर सडक एवं रोड निर्माण में देरी, फिर होगा चक्का जाम — ग्रामीणों में भारी आक्रोश गिधौरी से शिवरीनारायण रोड के निर्माण को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। पूर्व में हुए चक्का जाम आंदोलन के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एसडीओ प्रबोद गुप्ता एवं गिरौदपुरी एसडीएम ने ग्रामीणों को 45 दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन अब दो महीने पूरे होने को हैं और जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ है।

इस वादाखिलाफी से नाराज गिधौरी के ग्रामीणों और व्यापारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि सडक की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, एव जानलेवा गड्ढे और उखड़ी हुई डामर की परत और धूल-कीचड़ के कारण रोजाना राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बरसात के समय यह मार्ग पर और भी खतरनाक हो जाता है, जिससे अनेकों दुर्घटना हो चुकी है।

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में चक्का जाम के बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था और 45 दिन के भीतर कार्य प्रारंभ कराने का लिखित में समय मांगा था। उस समय आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। जिससे विभाग की रवैये से लोगों में काफी आक्रोश है तथा ग्रामीणों को लगने लगा है कि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
गांव में आयोजित एक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही सडक निर्माण का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो फिर से महाचक्का जाम किया जाएगा। इस बार आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे धरना-प्रदर्शन, मार्ग अवरोध और प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव जैसे कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़क के कारण बाजार की गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। ग्राहकों और ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं, स्कूली बच्चों और मरीजों को भी इस जर्जर मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है, जो बेहद जोखिमभरा है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो होने वाले किसी भी जनआंदोलन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।अब देखना यह है कि विभाग समय रहते कार्रवाई करता है या गिधौरी में एक बार फिर चक्का जाम कर आंदोलन की तस्वीर सामने आती है।






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