केवीके भाटापारा में माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस पर तृतीय बैच का सफल आयोजन
(देवेश साहू)
बलौदाबाजार। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी रैंप योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) रायपुर के बैनर तले एवं एन आई एमएसएमई हैदराबाद के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र भाटापारा में 23, 24 एवं 25 फरवरी को सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस) का तृतीय बैच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लघु वनोपज एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, महिला उद्यमियों , स्व सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों को माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांड निर्माण, विपणन रणनीति, गुणवत्ता मानक, एफएसएसएआई लाइसेंस, जीएसटी पंजीयन एवं विभिन्न प्रमाणन प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इसके साथ ही शासन की ऋण योजनाओं, सब्सिडी प्रावधान, बैंक लोन प्रक्रिया एवं स्वरोजगार के अवसरों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के दौरान इच्छुक प्रतिभागियों का उद्यम पंजीयन भी कराया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र भाटापारा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अंगद सिंह राजपूत द्वारा ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं नवीन उत्पाद विकास पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षक आनंद शर्मा ने प्रसंस्करण की उन्नत तकनीक, उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के उपाय, लेबलिंग मानक, लागत निर्धारण, लाभ विश्लेषण एवं ऑनलाइन विपणन के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंतिम दिवस में उद्योग विभाग बलौदाबाजार-भाटापारा के सहायक संचालक जितेंद्र धीरित विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) सहित अन्य शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का चतुर्थ बैच 26, 27 एवं 28 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस, फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्यमी, स्व सहायता समूह इस प्रशिक्षण का लाभ ले सकते हैं ।अधिक जानकारी हेतु इच्छुक प्रतिभागी मोबाइल नंबर 7566195551 पर संपर्क कर सकते हैं।









