बांधा तालाब को पाटकर मनी कंचन प्लान बनाने का विरोध, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई रोक की गुहार
(पंकज कुर्रे)
जांजगीर-चांपा । जिले के पामगढ़ नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड क्रमांक 07 और 08 के ग्रामीणों ने एक महत्वपूर्ण जनसमस्या को लेकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर वार्ड क्रमांक 07 स्थित बांधा तालाब को मिटाकर प्रस्तावित “मनी कंचन प्लान” के निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की अपील की है।
आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि उक्त बांधा तालाब वर्षों से वार्ड क्रमांक 07 और 08 के लोगों के दैनिक उपयोग का प्रमुख स्रोत रहा है। इस तालाब का उपयोग नहाने, जानवरों को पानी पिलाने तथा अन्य घरेलू कार्यों के लिए किया जाता है। इसके अलावा किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर दाह-संस्कार के समय सामूहिक स्नान जैसे सामाजिक और धार्मिक कार्य भी इसी तालाब में किए जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत पामगढ़ द्वारा इस तालाब को मिट्टी से पाटकर “मनी कंचन प्लान” बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। खासकर गांव में लगे हैंडपंप, बोर और कुओं के जल स्रोत प्रभावित हो सकते हैं, जिससे पीने के पानी की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत द्वारा पूर्व में इसी तालाब का मनरेगा योजना के तहत दो बार गहरीकरण कराया जा चुका है, जिससे इसकी उपयोगिता और भी बढ़ गई है।
पामगढ़ सीएमओ:-
जिस बांधा तालाब को वार्ड पार्षद और महिला समूह ने मणिकंचन केंद्र बनाने का विरोध कर रहे है, दरअसल किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर किसी बैंक से लोन आधारित बताया जा रहा है और उसका नाम ऑनलाइन दिखा रहा है साथ ही यह भी कहना है कि जिसे बांधा तालाब माना जा रहा है वह ऑन रिकॉर्ड तालाब नहीं दिखा रहा है। सीएमओ ने कहा कलेक्टर के निर्देशानुसार जैसा आदेश मिले नगर पंचायत अपना कार्य कर पाएंगे।
इस स्थिति को देखते हुए वार्डवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि प्रस्तावित मणिकंचन प्लान के निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए और तालाब को उसकी मूल स्थिति में सुरक्षित रखा जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में जल संकट और सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।

