लू से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी, दोपहर में बाहर निकलने से बचें
(पंकज कुर्रे)
जांजगीर-चांपा। गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए हीट स्ट्रोक (लू) से बचाव को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि हीट स्ट्रोक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति हो सकती है, जिसमें शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है और समय पर इलाज न मिलने पर खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। साथ ही हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने, बाहर जाते समय सिर को टोपी, गमछा या छाता से ढकने और खाली पेट घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है। वाहन में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ने की भी चेतावनी दी गई है।
हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक बुखार, सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, घबराहट, त्वचा का लाल और सूखा होना तथा बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत प्रभावित व्यक्ति को ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले जाएं।
जिला प्रशासन ने मजदूरों, किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को निर्धारित समय में ही कार्य करने और बीच-बीच में विश्राम लेने की सलाह दी है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।


